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महाकुम्भ में होगा कला एवं संस्कृतियों का संगम- गायक शंकर महादेवन, साधना सरगम, सुरेश वाडकर होंगे मुख्य आकर्षण के केन्द्र

लखनऊ। महाकुम्भ-2025 आस्था एवं अध्यात्म को एक सूत्र में पिरोने के साथ ही विभिन्न संस्कृतियों के संगम का केन्द्र भी होगा। महाकुम्भ में पूरे देश के प्रसिद्ध कलाकार एवं सिनेमा की मशहूर हस्तियां इसमें अपना कला का प्रदर्शन करेगी। मेला क्षेत्र में 10 हजार दर्शकों की क्षमता वाले गंगा पंडाल में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, संस्कृति विभाग उप्र एवं स्वायत्तशासी संस्थान, विभिन्न जोनल कल्चरल सेंटर एवं केन्द्रीय संगीता नाटक अकादमी के सौजन्य से पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण एवं ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी कला का रंग बिखेरेगे। संस्कृति विभाग की ओर से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जोरो-शोरों से तैयारियां की जा रही हैं।

यह जानकारी उप्र के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में उप्र स्टेट पवेलियन की स्थापना कराई जा रही है, जिसमें हस्तशिल्प, विभिन्न पर्यटन स्थानों की झलक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। इसके अलावा महाकुम्भ में मेला क्षेत्र में 15 हजार स्क्वायर फिट के मानचित्र पर 3डी तकनीक के माध्यम से अयोध्या, काशी, मथुरा, कुशीनगर, सारनाथ, नैमिषारण्य सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को दर्शाया जायेगा। इसके साथ ही विभिन्न प्रान्तों के व्यंजन भी उपलब्ध कराये जायेगे।

जयवीर सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र में नागवासुकी, अरैल एवं झूसी क्षेत्र में निर्मित 1 से 2 हजार की दर्शक क्षमता के पंडालों में निर्मित मंच पर शास्त्रीय, उपशास्त्रीय गायन, वादन, नृत्य, लोकगायन, लोकनृत्य, नृत्यनाटिकाओं, रामलीला, कृष्णलीला, कवि सम्मेलन आदि कार्यक्रमों को आयोजन होगा। विभिन्न पंडालों में देश एवं प्रदेश की कला एवं संस्कृतियों का प्रदर्शन किया जायेगा, जिसमें गंगा पंडाल, त्रिवेणी पंडाल, सरस्वती पंडाल, यमुना पंडाल आदि शामिल हैं।

जयवीर सिंह ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं संस्कृति विभाग उप्र द्वारा ख्याति प्राप्त कलाकारों की तिथिवार प्रस्तुतियों के कैलेण्डर जारी कर दिये गये हैं। प्रसिद्ध पार्श्वगायक श्री शंकर महादेवन 26 जनवरी, 2025 को अपने सुरों की महफिल सजायेंगे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर साधना सरगम अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। इसके अलावा 02 फरवरी को उषा उथुप, 08 फरवरी को कविता कृष्णमूर्ति तथा फिल्मी दुनिया के जाने माने गायक सुरेश वाडकर, 09 फरवरी को सोनल मान सिंह, उसी दिन तथा हरिहरन 10 फरवरी को अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि 17 फरवरी को नितिन मुकेश तथा 19 फरवरी को श्वेता मोहन संस्कृति और दक्षिण भारतीय भाषाओं में भक्ति गीत प्रस्तुत करेंगी। 23 फरवरी को कैलाश खेर के मधुर गीतों का दर्शक आनंद ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि महाकुम्भ प्रयागराज में प्रदेश के अन्य विधाओं के कलाकारों द्वारा भी विभिन्न मंचों पर प्रस्तुतियां दी जायेगी। प्रयागराज शहर में 20 लघु मंचों के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न लोक कलाओं का 45 दिन तक भव्य प्रदर्शन कराने का कार्यक्रम बनाया गया है, इसमें फरूवाही, धोबिया, मयूर, करमा, वनटांगिया, थारू, अवधी, ढेढ़िया, चांचर, राई, पाई-डण्डा, सैरा, बधावा आदि लोकनृत्यों की प्रस्तुति भी की जायेगी।

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