उत्तर प्रदेश

13 साल पुराने हत्या मामले में तीनों को उम्रकैद

निश्चय टाइम्स, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों को कठोर सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत थाना काकोरी पुलिस और अभियोजन विभाग के संयुक्त प्रयास से बड़ी सफलता मिली है। एडीजे-12 न्यायालय, लखनऊ ने वर्ष 2012 के एक सनसनीखेज हत्या मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में, पुलिस आयुक्त लखनऊ एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) के मार्गदर्शन में अपराध नियंत्रण और न्यायालयों में अधिकाधिक सजा सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से की गई। पूरे प्रकरण की सघन मॉनिटरिंग पुलिस उपायुक्त (अपराध) एवं विश्वजीत श्रीवास्तव, पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) द्वारा की गई। वहीं अपर पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) धनन्जय सिंह कुशवाहा तथा सहायक पुलिस आयुक्त काकोरी शकील अहमद के निर्देशन में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई।यह मामला मु0अ0सं0 388/2012, वाद संख्या 346/2013, धारा 302/201 भादवि, थाना काकोरी लखनऊ से संबंधित है। वादी श्री सफीक पुत्र अब्दुल रज्जाक, निवासी दिगुइया, थाना बक्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा 7 नवंबर 2012 को तहरीर दी गई थी। आरोप था कि अभियुक्तों ने वादी के भाई नफीस उर्फ पप्पू की पत्नी की विदाई को लेकर हुए विवाद में बकरा काटने वाले चापड़ से निर्मम हत्या कर दी और बाद में शव को गायब कर दिया।तत्कालीन विवेचक धीरेन्द्र कुमार यादव द्वारा विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन कर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। विवेचना पूर्ण होने के बाद 18 दिसंबर 2012 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया, जिसके बाद मामला विचाराधीन रहा।
साक्ष्यों, गवाहों, घटना स्थल निरीक्षण, आलाकत्ल की बरामदगी, विवेचक एवं अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर माननीय न्यायालय ने अभियुक्तों सरीफ पुत्र बेचू उर्फ मकसूद अली,सलीम पुत्र बेचू उर्फ मकसूद अली, समीम जहाँ पत्नी स्व. नफीस, (सभी निवासी प्यारेपुर मौंदा, थाना काकोरी, लखनऊ)को दोषसिद्ध करार देते हुए धारा 302 भादवि में प्रत्येक को सश्रम आजीवन कठोर कारावास एवं 30,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में तीनों अभियुक्तों को 10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।इस मामले में सजा दिलाने में प्रभारी निरीक्षक सतीश राठौर, थाना काकोरी पैरोकार कांस्टेबल प्रवीण कुमार, थाना काकोरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके अथक प्रयास और प्रभावी पैरवी से वर्षों पुराने मामले में पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत ऐसे मामलों में आगे भी सघन पैरवी कर अपराधियों को कठोर सजा दिलाई जाएगी, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।

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