“मार्गशीर्ष मास की बत्तीसी पूर्णिमा आज”

निश्चय टाइम्स, डेस्क। हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा, जिसे बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है, अत्यंत शुभ और पुण्यदायिनी तिथि मानी जाती है। पुराणों के अनुसार इस दिन ब्रह्मा, विष्णु और महादेव की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है। स्नान, दान, जप और पूजा इस दिन करने से सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल मिलता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा श्रीकृष्णभक्ति का विशेष दिन भी है। इस दिन लक्ष्मी-साधना और विष्णु-पूजन करने से जीवन में सौभाग्य, धनवृद्धि, समृद्धि और पारिवारिक सुख का स्थायी वास होता है। पितरों के तर्पण से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है और घर में शांति बनी रहती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर को सुबह 8:38 बजे से प्रारंभ होगी और 5 दिसंबर को 4:44 बजे समाप्त होगी। शाम को 6:41 बजे भद्रा रहेगी, लेकिन भद्रा का कोई बंधन नहीं होगा।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर श्रीकृष्ण मंत्रों का जाप महापुण्यकारी माना गया है। विशेष मंत्र हैं:
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ॐ कृं कृष्णाय नमः
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ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
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मंगलम् भगवान विष्णुः, मंगलम् गरुड़ध्वजः। मंगलम् पुण्डरीकाक्षः, मंगलाय तनो हरिः॥
तुलसी की माला से इन मंत्रों का जप करने से इसका फल अश्वमेध यज्ञ के समान मिलता है। इसके अलावा, गौ-सेवा, चारा अर्पण और गौपूजन करने से श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद मिलता है। इससे घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है।



