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नाजिश प्रतापगढ़ी की पुण्यतिथि पर गूंजा एकता का संदेश, भावुक हुई श्रद्धांजलि सभा

साहित्यकारों ने याद किए शायर के शब्द, ‘हम एक थे, हम एक हैं’ से बंधा समागम

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

जनपद प्रतापगढ़ में सुप्रसिद्ध कवि एवं शायर Nazish Pratapgarhi की 42वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में जिले के प्रमुख साहित्यकारों, कवियों और शायरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Aditya Prajapati (अपर जिलाधिकारी) रहे, जबकि संरक्षक के रूप में ओमकार राणा और सह-संरक्षक डॉ. दयाराम मौर्य ‘रतन’ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहम्मद अनम ने की।

विशिष्ट अतिथियों में सीमा भारती (उप जिलाधिकारी न्यायिक, लालगंज) और कटियार जी (उप जिलाधिकारी, कलेक्ट्रेट) शामिल रहे, जबकि अति विशिष्ट अतिथि के रूप में Lokesh Shukla ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

कार्यक्रम का आयोजन Mohammad Anees द्वारा किया गया, जबकि संयोजन विष्णु ख्याल ने संभाला। सेमिनार की शुरुआत लोकेश शुक्ला द्वारा प्रस्तुत नाजिश प्रतापगढ़ी के प्रसिद्ध कौमी तराने “हम एक थे, हम एक हैं, हम एक रहेंगे…” से हुई, जिसे श्रोताओं ने बेहद सराहा।

इस अवसर पर डॉ. मोहम्मद अनीस की ग़ज़लों की पुस्तक “मेरे अल्फाज़: ग़ज़लों का गुलदस्ता” का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। साथ ही उन्हें “साहित्य गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में आदित्य प्रजापति ने कहा कि नाजिश प्रतापगढ़ी की रचनाएं आज भी राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य कर रही हैं। वहीं सीमा भारती ने ऐसे आयोजनों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम में डॉ. शाहिदा, सुनील प्रभाकर, नागेंद्र अनुज, रवि खंडेलवाल, गीता यादव, सलमान खुर्शीद, आनंद मोहन ओझा सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे। संचालन रहबर प्रतापगढ़ी ने किया।

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