सर्दियों में सर्दी-जुकाम की समस्या आम हो जाती है, खासकर उन लोगों में जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। इस समस्या से बचने के लिए आपको अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। आयुर्वेद में ऐसी कई चीजों का उल्लेख है, जो नियमित रूप से सेवन करने पर आपको सर्दी-जुकाम से बचा सकती हैं।
हल्दी वाले दूध को वर्षों से इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। हर रात हल्दी वाला गर्म दूध पीने से सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
अदरक और शहद का संयोजन सर्दी-जुकाम के लिए एक प्राकृतिक औषधि है। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गले की खराश को कम करते हैं। वहीं, शहद इम्यूनिटी को बूस्ट करता है। इसे गर्म पानी में मिलाकर या सीधे सेवन करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, मुलेठी गले की समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद है। गायक भी अपनी आवाज की देखभाल के लिए मुलेठी का इस्तेमाल करते हैं। सर्दियों में मुलेठी का काढ़ा पीने से गले की खराश और खांसी-जुकाम से राहत मिलती है।
इन उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचें। स्वस्थ खानपान और नियमित व्यायाम से भी आपकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।