लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ की दीवारों पर लगे पोस्टर्स ने राजनीतिक चर्चा को एक नई दिशा दी है। इन होर्डिंग्स में अखिलेश यादव को आगामी 2027 के चुनावों के संभावित सत्ताधीश के रूप में दिखाया गया है। खास तौर पर सपा कार्यालय और अखिलेश यादव के घर के पास लगे इन पोस्टर्स ने राजधानी के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
‘सत्ताईस का सत्ताधीश’—2027 की ओर इशारा
सपा कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए इन पोस्टर्स में अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ बड़ा संदेश लिखा गया है— “सत्ताईस का सत्ताधीश”। पोस्टर में आगे लिखा है, “2024 में बरसा जनता का आशीष, दीवारों पर लिखा है सत्ताईस का सत्ताधीश कौन होगा…”। यह संदेश सीधे तौर पर आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखकर दिया गया है, जहां अखिलेश यादव को संभावित मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया जा रहा है।
संस्कृत में बधाई संदेश
इस खास पोस्टर में संस्कृत में भी अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई दी गई है, जिसमें लिखा है, “त्वं जीव शतं वर्धमानः जीवनं तव भवतु सार्थकम् इति सर्वदा मुदं प्रार्थयामहे जन्मदिवसस्य अभिनन्दनानि”। इसका अर्थ है, “आप सौ वर्ष जिएं, आपका जीवन सार्थक हो, और हम सदा आपकी खुशियों की कामना करते हैं।” यह संस्कृत वाक्य पोस्टर को और अधिक खास और चर्चा का विषय बना रहा है।
पोस्टर्स के पीछे जयराम पांडेय
यह पोस्टर्स संतकबीरनगर के मेंहदावल विधानसभा के नेता जयराम पांडेय द्वारा लगाए गए हैं। इससे पहले भी सपा नेताओं ने कई बार अखिलेश यादव के समर्थन में बड़े पोस्टर्स लगाए हैं, जिसमें उन्हें भावी प्रधानमंत्री के रूप में भी दिखाया गया था।
राजनीतिक चर्चा गरमाई
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर लगाए गए इन पोस्टर्स ने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी है। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे सपा की आगामी चुनावी रणनीति के रूप में देख रहे हैं, जहां अखिलेश यादव को 2027 के मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे पहले भी अखिलेश को भावी प्रधानमंत्री के रूप में दिखाने वाले पोस्टर्स चर्चा में रहे थे, जो सपा के नेताओं और समर्थकों के उत्साह को दर्शाते हैं।
इन पोस्टर्स ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव को भविष्य के सत्ताधीश के रूप में देख रहे हैं, और 2027 का चुनाव उनकी रणनीति का प्रमुख हिस्सा बन चुका है।