यूनियन बैंक के Q3 नतीजों में निवेशकों के लिए फायदे कम, जोखिम ज्यादा?
मुनाफा रिकॉर्ड, लेकिन बाजार सतर्क

निश्चय टाइम्स डेस्क। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 18 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 5017 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ जरूर दर्ज किया है, लेकिन शेयर बाजार की नजर से देखें तो ये नतीजे मिश्रित संकेत देते हैं। मुनाफे की चमक के पीछे ऐसे कई आंकड़े हैं, जो निवेशकों को सतर्क रहने का इशारा कर रहे हैं।
मुनाफा बढ़ा, लेकिन ग्रोथ की क्वालिटी पर सवाल
बैंक की कमाई में उछाल मुख्य रूप से कर्ज वितरण में तेजी की वजह से आया है। सकल अग्रिमों में सालाना आधार पर 7.13 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इसी अवधि में जमाराशि में सिर्फ 3.36 फीसदी की बढ़ोतरी हो पाई।
विश्लेषकों के मुताबिक यह क्रेडिट-डिपॉजिट मिसमैच शेयर के लिए नेगेटिव सिग्नल माना जा रहा है।
NIM पर दबाव, मार्जिन घटने का डर
ब्याज आय में 5.85 फीसदी की तिमाही वृद्धि हुई है, लेकिन डिपॉजिट ग्रोथ कमजोर रहने से फंडिंग कॉस्ट बढ़ने की आशंका है। इसका सीधा असर आने वाली तिमाहियों में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर पड़ सकता है, जो शेयर के वैल्यूएशन के लिए अहम फैक्टर है।
RAM सेगमेंट की तेज ग्रोथ = हाई रिस्क?
रिटेल, एग्री और एमएसएमई (RAM) सेक्टर में 11.50 फीसदी की वृद्धि, खासकर एमएसएमई लोन में 19.75 फीसदी की तेजी, बाजार को दो तरह के संकेत दे रही है।
एक तरफ यह ग्रोथ स्टोरी दिखाता है, वहीं दूसरी तरफ एमएसएमई सेक्टर में डिफॉल्ट रिस्क निवेशकों की चिंता बढ़ा सकता है।
एनपीए घटे, लेकिन राहत सीमित
सकल एनपीए 3.06 फीसदी और शुद्ध एनपीए 0.51 फीसदी पर आना सकारात्मक संकेत है, लेकिन बाजार मानता है कि तेजी से बढ़ते लोन बुक के साथ एसेट क्वालिटी को बनाए रखना आसान नहीं होगा। किसी भी स्लिपेज की खबर शेयर पर दबाव बना सकती है।
शेयर के लिए आउटलुक
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यूनियन बैंक के नतीजे शॉर्ट टर्म में शेयर को सीमित सपोर्ट दे सकते हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए अभी डिपॉजिट ग्रोथ, NIM और एसेट क्वालिटी पर अगली दो तिमाहियों के आंकड़े निर्णायक होंगे। यूनियन बैंक के Q3 नतीजे शेयर बाजार के लिहाज से “Good Profit, Weak Comfort” की स्थिति दर्शाते हैं। जब तक बैंक डिपॉजिट ग्रोथ और मार्जिन स्टेबिलिटी पर भरोसा नहीं दिलाता, तब तक शेयर में तेज अपसाइड की उम्मीद सीमित रह सकती है।


