मुंबई क्राइम ब्रांच ने एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला है कि हत्या के लिए दी गई 17 लाख रुपये की सुपारी की फंडिंग का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आया था।
महाराष्ट्र और यूपी से फंडिंग का खुलासा
क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने अनमोल बिश्नोई और शुभम लोनकर के निर्देश पर कर्नाटक बैंक के एक खाते में पैसे ट्रांसफर किए। यह खाता गुजरात के आणंद में आरोपी सलमान वोहरा के नाम से खोला गया था। यूपी में गैंग का स्लीपर सेल अलग-अलग कैश डिपॉजिट मशीनों (सीडीएम) का इस्तेमाल कर फंडिंग में सक्रिय रहा।
देशभर से जुटाया गया फंड
एक अधिकारी ने जानकारी दी कि हत्या के लिए दी गई सुपारी का लगभग 60-70 प्रतिशत फंड महाराष्ट्र और यूपी से आया। कुल 17 लाख रुपये की रकम देश के विभिन्न हिस्सों से जुटाई गई थी। हालांकि, अब तक विदेश से किसी फंडिंग का सुराग नहीं मिला है।
हवाला और बैंक खातों से जुड़े कनेक्शन
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फंडिंग का कुछ हिस्सा हवाला के जरिए भी आरोपियों तक पहुंचा। महाराष्ट्र से फंडिंग की मनी ट्रेल का पता क्राइम ब्रांच लगा चुकी है, लेकिन यूपी से जुड़े पैसों की कड़ियां जोड़ने का काम अभी जारी है।
साजिश के तार गहराए
मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के बैंक खातों और हवाला नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के स्लीपर सेल के सक्रिय होने से क्राइम ब्रांच को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
यह खुलासा हत्या की साजिश में विभिन्न राज्यों के आपराधिक नेटवर्क के शामिल होने की गहराई को उजागर करता है।
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