उत्तर प्रदेश

निवेश मित्र 3.0 लॉन्च, सरकार ने गिनाए विकास के बड़े दावे

बजट खर्च की दौड़ तेज, 28 मार्च तक 100% उपयोग का अल्टीमेटम

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क (DF हिंदी)

लखनऊ में एक ओर जहां औद्योगिक विकास को लेकर बड़े दावे किए गए, वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष के अंत में बजट खर्च को लेकर प्रशासनिक दबाव भी साफ नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने ‘निवेश मित्र 3.0’ को प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का “स्वर्णिम शिलालेख” बताया।

मंत्री नन्दी ने दावा किया कि पिछले 9 वर्षों में 3,367 लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए गए हैं और करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने ‘निवेश मित्र’ को सिंगल विंडो सिस्टम बताते हुए भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया का उदाहरण पेश किया। हालांकि, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि इन निवेश प्रस्तावों का वास्तविक जमीन पर कितना क्रियान्वयन हुआ है और कितने प्रोजेक्ट उत्पादन तक पहुंचे हैं।

इसी बीच, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि 28 मार्च तक आवंटित बजट का 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थिति में बजट लैप्स नहीं होना चाहिए। इससे यह साफ है कि वित्तीय वर्ष के अंत में विभागों पर तेजी से खर्च करने का दबाव बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आखिरी समय में बजट खर्च की यह हड़बड़ी अक्सर योजनाओं की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है।

दूसरी ओर, हज-2026 को लेकर हज कमेटी ऑफ इंडिया ने यात्रियों को 31 मार्च तक अंतिम किस्त जमा करने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को ऑनलाइन और बैंकिंग माध्यमों से भुगतान करने की सुविधा दी गई है, जिससे प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया गया है।

तीनों घटनाएं मिलकर यह दर्शाती हैं कि जहां सरकार विकास और निवेश के बड़े दावे कर रही है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर समयसीमा और लक्ष्य हासिल करने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

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