उत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी STF का बड़ा खुलासा: फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में 6 गिरफ्तार

LDA दफ्तर में संदिग्धों की एंट्री पर बैन

लखनऊ में यूपी STF ने बीते गुरुवार देर शाम एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खाली पड़े LDA के भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री कराकर उन्हें बेचने वाले 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि इस घोटाले में LDA के कई कर्मचारी और बाबू भी शामिल हैं। इस खुलासे के बाद LDA के अधिकारियों और कर्मचारियों पर यूपी STF की कड़ी नजर है।

एलडीए में कड़ा सुरक्षा प्रबंध

घोटाले का मामला सामने आने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने LDA दफ्तर में बिना पास के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की एंट्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया है।

उपाध्यक्ष ने प्राधिकरण की व्यवस्था में सुधार के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का पूरा ब्योरा सुरक्षित रखा जाए और कोई भी व्यक्ति दफ्तर में प्रवेश न कर सके जब तक उसकी पूरी जानकारी दर्ज न कर ली जाए।

एंट्री पास व्यवस्था लागू

अब LDA दफ्तर में प्रवेश के लिए गेट पास व्यवस्था लागू कर दी गई है। दफ्तर के गेट पर ही आगंतुकों का पूरा ब्योरा रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इसके अंतर्गत निम्नलिखित जानकारी दर्ज की जाएगी:

  1. आगंतुक का नाम और पता

  2. आने का उद्देश्य

  3. किस विभाग या फ्लोर पर जाना है

इस जानकारी के बाद ही आगंतुक को एक गेट पास जारी किया जाएगा। यह पास केवलनिश्चित समय अवधि और घोषित पटल के लिए ही मान्य होगा।

एलडीए कर्मचारियों पर सख्ती

इस मामले में STF ने संकेत दिए हैं कि LDA में तैनात कई बाबू और कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं। फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में उनकी भूमिका का पता लगाया जा रहा है। STF ने सभी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगालना शुरू कर दिया है।

घोटाले में क्या था खेल?

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने खाली पड़े LDA के भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री कराकर उन्हें बेचने का खेल रचा था। रजिस्ट्री के कागजात तैयार करने में LDA के बाबुओं की संलिप्तता सामने आई है। इस घोटाले में लाखों रुपये की हेराफेरी का अनुमान है।

उपाध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश

प्रथमेश कुमार ने कहा कि LDA में किसी भी प्रकार की भ्रष्ट गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

इस घोटाले के उजागर होने के बाद LDA में हड़कंप मचा हुआ है। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर STF की कड़ी नजर है। जल्द ही इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

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