मुजफ्फरनगर के छपार इलाके में छह साल के मासूम की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा हो गया है। इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि कक्षा आठ का छात्र निकला। आरोपी ने पहले मासूम को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया, फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शव को छिपाने के लिए आरोपी ने मासूम के शरीर को बोरे में डालकर दो बार ठिकाने लगाया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में दिखी परछाई ने इस गुनाह से पर्दा हटा दिया।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि मासूम बच्चा 29 जनवरी की सुबह लापता हुआ था और अगले दिन उसका शव गांव के एक खंडहर पड़े मकान में बोरे में बंद मिला। जांच में सामने आया कि मासूम एक पिल्ले का पीछा करते हुए आरोपी के घर तक पहुंचा था। वहां आरोपी ने उसे चॉकलेट का लालच देकर अंदर बुलाया और कुकर्म की कोशिश की। जब मासूम ने घर जाकर सब बताने की बात कही, तो आरोपी डर गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को प्लास्टिक के बोरे में डाला और पहले उसे खाली प्लॉट के गड्ढे में छिपा दिया। रात लगभग डेढ़ बजे वह घर से निकला और बोरे को उठाकर 100 मीटर दूर एक खंडहर पड़े मकान में ले जाकर फेंक दिया। ऊपर घास और ईंटें रखकर उसने शव छिपाने की कोशिश की।
मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों ने पुलिस की जांच को अहम सुराग दिया। फुटेज में रात करीब डेढ़ बजे किसी शख्स की परछाई दिखी, जो बोरा उठाए हुए था। इस परछाई के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंची। पहले वह गुनाह छिपाने की कोशिश करता रहा, लेकिन थाने ले जाते ही सच उगल दिया।
आरोपी की मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है और कुछ साल पहले अपने मायके में आकर रहने लगी थी। घटना के दिन आरोपी का पिता और भाई मजदूरी के लिए बाहर थे, जबकि मां अपने काम पर गई थी। वारदात के बाद से ही आरोपी बीमार था और स्कूल भी नहीं गया। पहले उसकी मां ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जांच में सारी सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा और रस्सी भी बरामद कर ली है। इस दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।