अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर किया बड़ा ऐलान

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को टैरिफ को लेकर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये कदम अमेरिका को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और व्यापार असंतुलन को दूर करने में मददगार साबित होंगे। ट्रंप का मानना है कि इन नए आयात करों से अमेरिकी नौकरियों और मैन्युफैक्चरिंग की रक्षा होगी।
क्या है ट्रंप की ‘टैरिफ घोषणा’ की बड़ी बातें?
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10% बेसलाइन टैरिफ:
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व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ने अमेरिका में सभी आयातों पर ‘बेसलाइन’ टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है।
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यह दर 10% निर्धारित की गई है और 5 अप्रैल से लागू होगी।
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विदेशी सामान लाने वाली कंपनियों को इस टैरिफ का भुगतान करना होगा, जिससे उपभोक्ताओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
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विशिष्ट रेसिप्रोकल टैरिफ:
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लगभग 60 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाएंगे, जो 9 अप्रैल से प्रभावी होंगे।
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इन टैरिफ दरों का उद्देश्य अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए उच्च शुल्क का मुकाबला करना है।
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प्रमुख देशों में यूरोपीय संघ (20%), चीन (54%), वियतनाम (46%), थाईलैंड (36%), जापान (24%), कंबोडिया (49%), दक्षिण अफ्रीका (30%), और ताइवान (32%) शामिल हैं।
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कार आयात पर 25% टैरिफ:
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सभी विदेशी निर्मित ऑटोमोबाइल पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा।
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यह निर्णय स्थानीय समयानुसार आधी रात से तुरंत प्रभावी हो गया।
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भारत पर 26% शुल्क:
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ट्रंप ने भारत पर 26 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा की है।
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यह टैरिफ भारत द्वारा अमेरिकी आयात पर लगाए जाने वाले शुल्क का आधा है।
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इसका असर टाटा मोटर्स और संवर्धन मदरसन जैसे ऑटो शेयरों पर पड़ने की संभावना है।
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कनाडा और मेक्सिको पर छूट:
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ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेसलाइन टैरिफ कनाडा और मेक्सिको पर लागू नहीं होगा।
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पहले ही इन दोनों देशों पर टैरिफ लगाए जा चुके हैं, जिसके तहत 25% शुल्क निर्धारित किया गया था।
आर्थिक प्रभाव:
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ट्रंप का कहना है कि ये कदम अमेरिकी उद्योगों को संरक्षित करने के लिए आवश्यक हैं।
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हालांकि, व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इन टैरिफों से वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मच सकती है और अमेरिका को भी व्यापारिक रिश्तों में मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं।



