लखनऊ में उपराष्ट्रपति का दौरा, सीएम योगी बोले – ‘अवसर सबको मिलते हैं, कुछ बिखर जाते हैं, कुछ निखर जाते हैं’

गुरुवार को राजधानी लखनऊ में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ का विमोचन किया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU), जानकीपुरम में किया गया, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, तथा कई कैबिनेट मंत्री और संत स्वामी चिदानंद सरस्वती शामिल रहे।
सीएम योगी का भाषण – जीवन के संघर्ष की मिसाल:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्बोधन में राज्यपाल आनंदीबेन के जीवन को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि “अवसर सबको मिलते हैं, कुछ बिखर जाते हैं, कुछ निखर जाते हैं। जो चुनौतियों का सामना करते हैं, वही निखरते हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं।”
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक सिर्फ एक जीवन यात्रा नहीं, बल्कि संघर्ष, शिक्षा, नेतृत्व और सेवा का संकलन है। उन्होंने राज्यपाल के शिक्षिका, प्राचार्या, मंत्री, मुख्यमंत्री और अब राज्यपाल बनने की यात्रा को समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों से जोड़ते हुए सराहा।
उपराष्ट्रपति का स्वागत और कार्यक्रम की अहमियत:
कार्यक्रम से पहले बख्शी का तालाब एयरफोर्स स्टेशन पर सीएम योगी ने स्वयं उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ 2025 के बाद यह पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन है जिसमें उपराष्ट्रपति की उपस्थिति प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
किताब और लोकतंत्र:
योगी ने कहा कि “हम शिखर देखते हैं, लेकिन उसकी नींव में लगे परिश्रम को नहीं समझते।” यह पुस्तक उन अनकहे संघर्षों की अभिव्यक्ति है जो लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि “लोकतंत्र तब भी कमजोर होता है जब सुनने वाला तैयार नहीं होता। यह पुस्तक लोकतंत्र के प्रति एक सजग नागरिक की आवाज़ है।”



