श्योपुर जिले के एक मिडिल स्कूल के चार शिक्षकों का क्लासरूम में सोने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। यह घटना मिडिल स्कूल क्रमांक-3 की बताई जा रही है, जहां चार शिक्षक कक्षाओं के दौरान आराम फरमाते हुए नजर आ रहे हैं।
वीडियो ने खड़े किए सवाल
वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दो शिक्षक एक तरफ और दो अन्य दूसरी तरफ कुर्सियों पर सो रहे हैं। बैकग्राउंड में बच्चों की आवाजें यह पुष्टि करती हैं कि घटना स्कूल समय की है। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षकों की जिम्मेदारी और अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एमएल गर्ग ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना रवैये से बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि वीडियो कब और किसने बनाया।
शिक्षकों की भूमिका पर सवाल
शिक्षकों का काम बच्चों को शिक्षित करना और अनुशासन सिखाना है। लेकिन इस घटना ने स्कूलों में शिक्षकों की भूमिका और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या होगी कार्रवाई?
जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्ग ने स्पष्ट किया कि जांच के नतीजों के आधार पर दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना समाज में शिक्षकों की जिम्मेदारी और उनके अनुशासन के महत्व को रेखांकित करती है। शिक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोषी शिक्षकों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं। यह मामला स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
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