मणिपुर एक बार फिर हिंसा की चपेट में है, जहां हालात और तनाव बढ़ते जा रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मणिपुर में शांति बहाली के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखी गई चिट्ठी की आलोचना की है। खड़गे ने मणिपुर में हिंसा के बीच हस्तक्षेप की मांग करते हुए राष्ट्रपति को पत्र लिखा था, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए गए थे।
जेपी नड्डा ने खड़गे के आरोपों पर पलटवार करते हुए इसे मणिपुर में हालात को और सनसनीखेज बनाने की कोशिश बताया। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान मणिपुर में उग्रवादी गतिविधियां बढ़ी थीं और कांग्रेस ने उग्रवादी नेताओं का समर्थन किया।
मणिपुर में पिछले साल मई से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा का सिलसिला अब तक जारी है। इस हिंसा में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और करीब 60,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। हालिया हिंसा में भी कई मौतें हुई हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी चिट्ठी में मणिपुर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा था कि राज्य के नागरिकों को शांति और सम्मान के साथ अपने घरों में रहना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की थी ताकि मणिपुर में शांति बहाली की जा सके।
जेपी नड्डा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की राजनीति को आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र और मणिपुर सरकार हिंसा के बाद से स्थिति को सामान्य करने और नागरिकों की सुरक्षा पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस का रवैया इससे विपरीत है।