बहराइच में दुर्गा विसर्जन के दौरान भड़की हिंसा: बाइक शोरूम और अस्पताल में आगजनी, 25 लोग हिरासत में

बहराइच, उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा ने सोमवार को और भीषण रूप ले लिया। सोमवार सुबह एक बार फिर से आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जहां कई दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई, और बाइक के शोरूम के साथ-साथ एक अस्पताल को आग के हवाले कर दिया गया। हिंसा के बाद जिले में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, और पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।
कैसे भड़की हिंसा?
रविवार शाम को महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गाने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद दूसरे समुदाय के युवकों ने छतों से पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव से दुर्गा प्रतिमा खंडित हो गई, जिससे पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान, रामगोपाल मिश्रा (24) को दूसरे समुदाय के लोग घर के अंदर घसीट ले गए और गोली मार दी। रामगोपाल को बचाने पहुंचे राजन (28) भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

आगजनी और तोड़फोड़
रामगोपाल की हत्या से गुस्साए लोगों ने सोमवार सुबह हिंसा भड़काई, जिसमें बाइक के शोरूम और एक अस्पताल को आग लगा दी गई। कई दुकानों और वाहनों में भी आगजनी की घटनाएं हुईं। दवाइयों और अन्य सामानों को भी जला दिया गया। परिजनों ने रामगोपाल के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है और कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
पुलिस का एक्शन और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए 25 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें मुख्य आरोपी सलमान भी शामिल है। पुलिस ने शहर में कई स्थानों पर पीएसी और पुलिस बल तैनात कर दिया है। बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला और अन्य आला अधिकारी महराजगंज कस्बे में डेरा डाले हुए हैं, जबकि पूरे कस्बे को सील कर दिया गया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
विरोध और प्रदर्शन जारी
रामगोपाल की हत्या के बाद जिले भर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। बहराइच-सीतापुर और बहराइच-लखनऊ हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। विसर्जन कमेटी के सदस्यों ने कई स्थानों पर प्रतिमा विसर्जन रोक दिया है, और लोग पुलिस पर लाठीचार्ज और सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

डीजीपी का बयान
डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि हालात को काबू में लाने के लिए एडीजी जोन गोरखपुर केएस प्रताप कुमार और डीआईजी रेंज देवीपाटन अमरेंद्र प्रताप सिंह को बहराइच भेजा गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को ठीक रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने बहराइच में सांप्रदायिक तनाव को और बढ़ा दिया है, और प्रशासन की चुनौती है कि हालात को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए।



