तारीख: विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2024, मंगलवार को मनाई जाएगी।
पूजा का शुभ मुहूर्त:
विश्वकर्मा पूजा मुहूर्त: सुबह 07:20 बजे से सुबह 09:50 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक
रवि योग: पूरे दिन रहेगा, जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
पूजा विधि:
1. सफाई और तैयारी: सबसे पहले पूजा स्थल और कार्यक्षेत्र की सफाई करें। मशीनों, औजारों, और उपकरणों को स्वच्छ किया जाता है, क्योंकि ये विश्वकर्मा जी के प्रतीक होते हैं।
2. मूर्ति या चित्र स्थापित करना: भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति या चित्र को किसी साफ स्थान पर स्थापित करें। कुछ लोग अपने कार्यस्थल या फैक्ट्री में औजारों और मशीनों पर भी पूजा करते हैं।
3. संकल्प लेना: पूजा शुरू करने से पहले, संकल्प लें और भगवान विश्वकर्मा से आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करें। यह कर्म, समर्पण और सफलता के लिए होता है।
4. पूजन सामग्री:
– फूल, धूप, दीपक, चंदन, अक्षत (चावल), मिठाई, फल, नारियल, पान, सुपारी, कलश आदि।
– मशीनों और औजारों को चंदन और फूलों से सजाएं।
5. मंत्र और हवन: पूजा के दौरान भगवान विश्वकर्मा के मंत्रों का उच्चारण करें। मुख्य मंत्र है:
ॐ आधार शक्तपे नमः।
ॐ कूमयि नमः।
ॐ अनंतम नमः।
ॐ पृथिव्यै नमः।
6. प्रसाद वितरण: पूजा के बाद प्रसाद बांटें और सभी औजारों और मशीनों को फूल, अक्षत और मिठाई अर्पित करें।
7. आरती: पूजा के अंत में भगवान विश्वकर्मा की आरती करें और आशीर्वाद लें।
महत्व: विश्वकर्मा पूजा उद्योग, निर्माण और तकनीकी क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसे औद्योगिक और कर्मक्षेत्र के विकास के प्रतीक रूप में माना जाता है।