Budget 2024 पेश करने के बाद Nirmala Sitharaman सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी। वैसे तो भारत में बजट पेश करना पारंपरिक रूप से वित्त मंत्री की भूमिका है। कई बार ऐसा हुआ कि ये जिम्मा देश के प्रधानमंत्री को उठाना पड़ा है। डॉ. मनमोहन सिंह का 1991 का बजट भाषण 18650 शब्दों का था।
प्रधानमंत्री को पेश करना पड़ा बजट

वैसे तो भारत में बजट पेश करना पारंपरिक रूप से वित्त मंत्री की भूमिका है। कई बार ऐसा हुआ कि ये जिम्मा देश के प्रधानमंत्री को उठाना पड़ा। जवाहरलाल नेहरू 1958 में केंद्रीय बजट पेश करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने थे। तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णमाचारी ने विवाद के बीच इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद नेहरू को आगे आकर बजट भाषण देना पड़ा।
इसके बाद 1970 में वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बजट पेश करने की जिम्मेदारी संभाली थी। इसी तरह, वित्तीय वर्ष 1987-88 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बजट पेश किया। उस समय वित्त मंत्री वीपी सिंह ने इस्तीफा दे दिया था।
सबसे बड़ा और छोटा भाषण
डॉ. मनमोहन सिंह का 1991 का बजट भाषण 18,650 शब्दों का था। इसमें विक्टर ह्यूगो का हवाला दिया गया था। उनाक ये भाषण आर्थिक मामलों को संबोधित करने में अपनी गहराई और विस्तार के लिए अभी तक जाना जाता है।
एचएम पटेल ने 1977 में अंतरिम बजट की प्रस्तुति के दौरान सबसे छोटा बजट भाषण दिया था, जिसमें केवल 800 शब्द थे। इसने बजट भाषणों में संक्षिप्तता का रिकॉर्ड बनाया है।



