सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार ने गुरुवार को आप नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की याचिकाओं पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें आबकारी नीति घोटाला मामलों में उनकी जमानत याचिकाओं को पुनर्जीवित करने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, संजय करोल और संजय कुमार की पीठ ने कहा कि एक अन्य पीठ, जिसके सदस्य न्यायमूर्ति कुमार नहीं हैं। आबकारी नीति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर मामलों में उनकी जमानत याचिकाओं को पुनर्जीवित करने के लिए सिसोदिया की दो अलग-अलग याचिकाओं पर विचार करेगी।
वहीं, जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई तो न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि हमारे भाई को कुछ परेशानी है। वह व्यक्तिगत कारणों से इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहेंगे।
मनीष सिसोदिया की पिछले साल हुई गिरफ्तारी
आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में कथित भूमिका के लिए सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था. इसके बाद शराब नीति मामले की जांच कर रही ईडी ने मनीष सिसोदिया को मनी लॉन्ड्रिंग केस में 9 मार्च, 2023 को सिसोदिया को गिरफ्तार किया. सिसोदिया ने सीबीआई की गिरफ्तारी के दो दिन बाद ही यानी 28 फरवरी, 2023 को ही दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था.



