महिला उत्थान की नई इबारत: “अंत्योदय से सर्वोदय” की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश – बेबी रानी मौर्य

महिला कल्याण योजनाओं से महिलाओं का हो रहा है उत्थान-बेबी रानी मौर्य
निश्चय टाइम्स, लखनऊ। गोमती नगर में स्थित एक होटल में एक न्यूज चैनल द्वारा आयोजित कान्क्लेव 08 साल योगी सरकार अन्तयोदय से सर्वोदय में प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बताया कि सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हेतु वर्तमान सरकार द्वारा 126 नये थाने, 86 नई चौकियां, 4 जल पुलिस चौकी, 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा महिला सुरक्षा के लिए वीमेन पावर लाइन 1090, जी०आर०पी०, फायर सर्विस, महिला हेल्प लाइन 181 सेवा का एकीकरण, प्रत्येक जिले में एण्टी रोमियों स्क्वायड का गठन, प्रत्येक जनपद में महिला थाना के अतिरिक्त एक अन्य थाने में महिला थानाध्यक्ष की तैनाती की गई है। महिला पीएसी बटालियन का गठन तथा 5 अन्य पीएसी बटालियन के गठन की प्रक्रिया प्रगति पर है। प्रदेश महिला एवं बाल अपराध सम्बन्धी अभियोगों का निस्तारण 99.42 प्रतिशत कर देश में प्रथम स्थान पर है।
उन्होंने बताया कि 2 लाख 16 हजार 450 पदों पर पुलिस कर्मियों की भर्ती की गयी, जिसमें 27,178 से अधिक महिला पुलिस कर्मियों को नियुक्त करते हुए 10,378 से अधिक महिला बीटों का आवंटन किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत 346 महिला पीआरवी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण हेतु विभिन्न अभियान जैसे मिशन शक्ति 5.0. ऑपरेशन बचपन सफलतापूर्वक संचालित किये जा रहे हैं।
सरकार द्वारा लगभग 4.30 करोड़ के उज्जवला गैस कनेक्शन वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत् प्रति लाभार्थी को 6 श्रेणियों में कुल 25,000 रूपये दी जाती है। पति की मृत्यु उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना में रू0 1000 प्रतिमाह दिये जाते है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड)- माता-पिता अथवा दोनों में से कोई एक की मृत्यु होने के फलस्वरूप रू0 4,000 प्रतिमाह बच्चों को दिये जाते है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) माता-पिता अथवा दोनों में से कोई एक की मृत्यु होने के फलस्वरूप रू0 2,500 प्रतिमाह दिये जाते है।
प्रदेश के 75 जनपदों में 79 वनस्टाप सेन्टर कार्यरत है तथा 19 नवीन वन स्टाप सेन्टर स्वीकृत किये जा चुके है। वन स्टाप सेंटरो पर एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 189 निकायों में महिलाओं के लिए पिंक शौचालायों का निर्माण कराया गया है। महिला हेल्पलाईन योजना 181 के अन्तर्गत 07 लाख 17 हजार महिलाओं को सहायता दी गयी। प्रदेश की कामकाजी महिलाओं को नगरीय क्षेत्र में सस्ती दरों पर अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ आवास उपलब्ध कराये जाने हेतु जनपद लखनऊ, गौतमबुद्धनगर एवं गाजियाबाद में 500-500 की क्षमता के 08 कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण। इसके अलावा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना अन्तर्गत प्रदेश के 07 जनपदो वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर कानपुर नगर, झॉसी एवं आगरा में कामकाजी महिलाओं हेतु राज्यपोषित उच्च गुणवत्तापूर्ण 500-500 की क्षमता के महिला छात्रावासों का निर्माण कराया जायेगा।

मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में विधि से संघर्षरत तथा अनाथ, परित्यक्त, अभ्यर्पित एवं विपरीत परिस्थितियों में प्राप्त बच्चों के पालन-पोषण, देखभाल सुरक्षित आश्रय प्रदान किये जाने के उद्देश्य से रू 100 करोड़ की मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना प्रारम्भ की गयी है, जिसके अन्तर्गत प्रदेश के 10 जनपदों में विभिन्न श्रेणी के कुल 10 नवीन गृहों का निर्माण। मिशन शक्ति योजनान्तर्गत राज्य सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से जनपद गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, आगरा, बरेली, मेरठ, गौतमबुद्धनगर एवं गाजियाबाद में 50-50 की क्षमता के सखी निवास का संचालन आगामी वित्तीय वर्ष में प्रारम्भ कर दिया जाएगा।
शक्ति सदन मिशन शक्ति योजना की उप योजना सामर्थ के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से 10 जनपदों अलीगढ़, आजमगढ़, कानपुर नगर, चित्रकूट, झांसी, गोंडा, बस्ती, मिर्जापुर, वाराणसी एवं सहारनपुर में एक-एक नवीन शक्ति सदन 50 की क्षमता का निर्माण। उन्होंने बताया कि 22 हजार आंगनवाड़ी कार्यकत्री की भर्ती प्रकिया मई में पूर्ण कर ली जायेगी। 52 हजार आंगनबाड़ी सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रियाधीन है। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित। उन्होंने कहा कि महिलाएं जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती है वह लगन एवं मेहनत से आगे बढ़े उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलाएं। शिक्षा ही विकास की कुंजी है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही है।



