डिस्लेक्सिया एवं एसएलडी पर आयोजित हुयी कार्यशाला

निश्चय टाइम्स, लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान तथा चेंजइंक फाउंडेशन के सहयोग से बृहस्पतिवार को डिस्लेक्सिया एवं Specific Learning Disorders( SLD) पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुयी | मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी.सिंह ने कहा कि डिस्लेक्सिया बच्चों में होने वाली वह समस्या है जिसमें उसे पढ़ने, लिखने ,बोलने और वर्तनी में समस्या होती है | समय से निदान और उपचार से बच्चा आम जीवन जी सकती है | इसके इलाज में मनोवैज्ञानिकों एवं काउंसलरों की अहम भूमिका होती है | इसी उद्देश्य के साथ यह कार्यशाला आयोजित की गयी |
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लखनऊ जनपद के मनोवैज्ञानिकों एवं काउंसलरों को SLD मूल्यांकन के विषय में प्रशिक्षण प्रदान करना था, जिससे कि भविष्य में जिले में SLD वाले बच्चों के मूल्यांकन एवं प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ एवं सुचारु रूप से लागू किया जा सके। मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर, क्लिनिकल साइकोलॉजी, KGMU लखनऊ, डॉ. श्वेता सिंह एवं कंसल्टेंट, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, KGMU लखनऊ, डॉ. देविका द्वारा SLD से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं—पहचान, मूल्यांकन उपकरणों एवं प्रमाणीकरण प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।
नोडल अधिकारी डॉ. निशांत निर्वाण ने कहा कि यह कार्यशाला जनपद में SLD वाले बच्चों के मूल्यांकन, प्रमाणीकरण एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चेंज इंक के राज्य प्रतिनिधि अमरेश चंद्रा ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता वाले बच्चों को समान अवसर एवं अधिकार मिल सकता है। कार्यशाला में NCD सेल के सतेंद्र यादव, ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संदीप मिश्रा, जिला समन्वयक-समेकित शिक्षा सहित लखनऊ के समस्त मनोवैज्ञानिक एवं ब्लॉक के काउंसलर उपस्थित रहें। कार्यशाला का संचालन सौरभ प्रकाश द्वारा किया गया।



