उत्तर प्रदेश

महिला अपराधों के निस्तारण में पुलिस की भूमिका पर कार्यशाला सम्पन्न

योजनाओं की समीक्षा और जागरूकता पर दिया गया जोर

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के सभागार में “महिला अपराधों के निस्तारण में पुलिस विभाग की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला अपराधों की रोकथाम, जनसुनवाई, निरीक्षण और पुलिस योजनाओं की प्रभावशीलता पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यशाला का शुभारंभ आयोग की माननीय अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान, माननीय उपाध्यक्षगण श्रीमती अपर्णा यादव एवं श्रीमती चारू चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर जन्म शताब्दी वर्ष स्मृति अभियान 2025 के अंतर्गत एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन हुआ। रानी अहिल्याबाई के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके सामाजिक सुधार कार्यों जैसे सती प्रथा का विरोध, महिला शिक्षा का समर्थन आदि का उल्लेख किया गया।

 प्रथम सत्र: महिला सुरक्षा योजनाओं की जानकारी

अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) श्रीमती रूकमणी वर्मा और पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) श्री विनोद कुमार यादव ने प्रथम सत्र में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों और पुलिस विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की कार्यप्रणाली, 1090 महिला हेल्पलाइन, महिला हेल्प डेस्क, आशा ज्योति केंद्र, एसिड अटैक सहायता, पिंक बूथ, तथा रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष जैसी पहलों की जानकारी साझा की। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को त्वरित सहायता, कानूनी सलाह, और मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान करना है।

दूसरे सत्र में विभिन्न जनपदों में आयोग के सदस्यों द्वारा की गई महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आगामी महीनों में आयोजित होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों, महिला सुरक्षा अभियानों और जनसुनवाई बैठकों की रूपरेखा पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का समापन सदस्य सचिव श्रीमती सुधा वर्मा द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों और गणमान्यजनों के प्रति आभार प्रकट करते हुए किया गया।

इस अवसर पर महिला आयोग की अध्यक्ष और उपाध्यक्षगण के साथ-साथ सभी माननीय सदस्यगण, वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण तथा अन्य विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह कार्यशाला महिला अपराधों की रोकथाम और समाधान में पुलिस विभाग व महिला आयोग के समन्वय को मजबूत करने, साथ ही जनजागरूकता और नीति क्रियान्वयन की दिशा में बेहतर संवाद स्थापित करने का सशक्त मंच सिद्ध हुई।

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