पहलवानों का कांग्रेस में शामिल होना बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के आरोपों की पुष्टि: एक राजनीतिक साजिश?

Wrestlers joining Congress confirms BJP leader Brij Bhushan Sharan Singh’s allegations: A political conspiracy?
पंचकूला: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता बृजभूषण शरण सिंह ने पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के कांग्रेस में शामिल होने पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया है कि यह घटनाक्रम इस बात का सबूत है कि पहलवानों का पूरा विरोध प्रदर्शन उनके खिलाफ कांग्रेस की सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
जब पिछले साल जनवरी में जंतर-मंतर पर पहलवानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था, तब बृजभूषण ने कहा था कि यह विरोध असल में खिलाड़ियों का नहीं था। बल्कि, इसके पीछे कांग्रेस का षड्यंत्र था, जिसका नेतृत्व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कर रहे थे। अब, जब दोनों प्रमुख पहलवानों का कांग्रेस में शामिल होना सामने आया है, तो बृजभूषण ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसे कांग्रेस की राजनीतिक चाल करार दिया है।
बृजभूषण के आरोप और कांग्रेस की साजिश की थ्योरी
बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पहलवानों का विरोध प्रदर्शन खिलाड़ियों के अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस के राजनीतिक लाभ के लिए था। उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कहा था कि यह आंदोलन खिलाड़ियों का नहीं था। इसके पीछे कांग्रेस की साजिश थी और भूपेंद्र हुड्डा इस पूरी योजना के मुखिया थे।”
उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन को इस तरह से पेश किया गया कि यह महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए था, लेकिन असल में इसके पीछे राजनीतिक मंशा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन ने हरियाणा की बेटियों को अपमानित किया और उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
विनेश और बजरंग के फैसलों पर सवाल
बृजभूषण सिंह ने विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के कुछ फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “हरियाणा खेलों में हमेशा अग्रणी रहा है, लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों ने कुश्ती गतिविधियों को लगभग ढाई साल तक ठप कर दिया। क्या यह सच नहीं है कि बजरंग बिना किसी ट्रायल के एशियाई खेलों में भाग लेने गए थे?”
उन्होंने विनेश फोगाट पर भी सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या एक खिलाड़ी एक ही दिन में दो अलग-अलग वेट कैटेगरी में ट्रायल दे सकता है? क्या वेट-इन के बाद ट्रायल को 5 घंटे तक रोका जा सकता है? आपने कुश्ती नहीं जीती, बल्कि भगवान को धोखा देकर वहां पहुंची थीं। और आपको इसका परिणाम भुगतना पड़ा है।”
हुड्डा पर जिम्मेदारी डालते हुए बड़े आरोप
बृजभूषण ने आरोपों को और तीखा करते हुए कहा, “मैं बेटियों के अपमान का दोषी नहीं हूं। यदि कोई इसके लिए जिम्मेदार है, तो वह बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट हैं। और इस पूरे षड्यंत्र की पटकथा लिखने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा हैं।”
यह बयान तब आया है जब पहलवानों का कांग्रेस में शामिल होना एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने कुश्ती समुदाय में हड़कंप मचा दिया है, जहां पहले से ही खिलाड़ियों और प्रशासन के बीच तनाव चल रहा था। बृजभूषण शरण सिंह, जो पहले भी कई विवादों में फंसे हैं, ने इस मामले को एक राजनीतिक कोण देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
क्या है असल मुद्दा?
यह पूरा घटनाक्रम भारतीय खेल जगत में एक नया मोड़ लेकर आया है, जहां राजनीति और खेल की आपसी खींचतान का सीधा असर खिलाड़ियों और उनके प्रदर्शन पर पड़ रहा है। भारतीय कुश्ती महासंघ में पिछले कुछ सालों से कई विवाद चल रहे हैं, और यह हालिया राजनीतिक घटनाक्रम उस विवाद को और गहरा कर सकता है।
बृजभूषण के इन आरोपों के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस और हुड्डा इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। हालांकि, पहलवानों का कांग्रेस में शामिल होना सिर्फ राजनीतिक घटनाक्रम नहीं है, बल्कि यह भारतीय खेल जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ है। खिलाड़ियों की राजनीतिक भूमिका पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं, और इसके नतीजे भारतीय खेलों के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।
पहलवानों का कांग्रेस में शामिल होना: इसके पीछे क्या कारण?
विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया जैसे दिग्गज पहलवानों का कांग्रेस में शामिल होना, भारतीय राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकता है। यह दोनों खिलाड़ी न केवल अपने-अपने खेल में उत्कृष्टता हासिल कर चुके हैं, बल्कि उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी आवाज बुलंद की है। जंतर-मंतर पर हुआ विरोध प्रदर्शन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां उन्होंने अपनी आवाज बुलंद की और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
लेकिन, बृजभूषण के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन वास्तव में खिलाड़ियों की आवाज नहीं थी, बल्कि कांग्रेस की एक राजनीतिक चाल थी। उन्होंने कहा कि इस पूरी योजना का उद्देश्य बीजेपी और खासकर उनके खिलाफ एक साजिश रचना था। इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है।
#WATCH | “Haryana is the crown of India in the field of sports. And they stopped the wrestling activities for almost 2.5 years. Is it not true that Bajrang went to the Asian Games without trials? I want to ask those who are experts in wrestling. I want to ask Vinesh Phogat… pic.twitter.com/NQvMVS6dPF
— ANI (@ANI) September 7, 2024
भारतीय खेल जगत में राजनीति की भूमिका
भारतीय खेल जगत में राजनीति का हस्तक्षेप कोई नया विषय नहीं है। कई बार देखा गया है कि खिलाड़ियों को राजनीतिक पार्टियों में शामिल होते हुए या राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए देखा गया है। लेकिन विनेश और बजरंग का कांग्रेस में शामिल होना, एक नई शुरुआत का संकेत हो सकता है।
हालांकि, इस पूरे मामले में यह देखना होगा कि भारतीय कुश्ती महासंघ और अन्य खिलाड़ी इस घटनाक्रम पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। बृजभूषण शरण सिंह का आरोप और कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों का क्या प्रभाव होगा, यह तो आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा।



