लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सदन में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं के आचरण को शर्मनाक करार दिया और कहा कि यह उनकी असली सोच को दर्शाता है।
महाकुंभ पर विपक्ष की टिप्पणी पर पलटवार
महाकुंभ को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादियों और वामपंथियों को सनातन की सुंदरता रास नहीं आ रही है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, “महाकुंभ में जिसने जो तलाशा, उसे वही मिला। गिद्धों को लाश मिली, सुअरों को गंदगी मिली, लेकिन आस्थावानों को पुण्य और गरीबों को रोजगार मिला।”
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि सपा सरकार में कुंभ की जिम्मेदारी एक गैर-सनातनी को सौंप दी गई थी, क्योंकि तब के मुख्यमंत्री को इसके लिए समय नहीं था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने महाकुंभ को वैश्विक पहचान दी है और इसकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया है।
सदन में सपा के आचरण पर नाराजगी
योगी आदित्यनाथ ने सपा विधायकों के व्यवहार को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतंत्र और संविधान की बात करते हैं, उन्होंने ही राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अनुशासनहीनता दिखाई।
16 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति से यूपी को एक नई पहचान मिली है। कानून व्यवस्था में सुधार से प्रदेश में निवेश बढ़ा है। उन्होंने बताया कि अब तक 16 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है, जिससे 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार की नीतियों के कारण आज दुनिया भर के निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं।