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	<title>खेती-किसानी - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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	<title>खेती-किसानी - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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		<title>यूपी में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, सहकारी विभाग ने पिछले साल का रिकॉर्ड छोड़ा पीछे</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/up-cooperative-wheat-procurement-surpasses-last-years-performance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 06:56:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेती-किसानी]]></category>
		<category><![CDATA[#WheatProcurement #UPCooperative #Farmers #WheatPurchase #UPNews #Agriculture #Saharanpur #CooperativeDepartment #NishchayTimes #FarmerNews]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क &#124; उत्तर प्रदेश में सहकारी क्षेत्र के जरिए गेहूं खरीद अभियान ने इस वर्ष नई रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के सहकारिता विभाग के अनुसार गत वर्ष की तुलना में इस बार खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश सहकारी विभाग के निबंधक एवं आयुक्त Yogesh ने बताया &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/up-cooperative-wheat-procurement-surpasses-last-years-performance/">यूपी में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, सहकारी विभाग ने पिछले साल का रिकॉर्ड छोड़ा पीछे</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | </strong></p>



<p>उत्तर प्रदेश में सहकारी क्षेत्र के जरिए गेहूं खरीद अभियान ने इस वर्ष नई रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के सहकारिता विभाग के अनुसार गत वर्ष की तुलना में इस बार खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश सहकारी विभाग के निबंधक एवं आयुक्त Yogesh ने बताया कि 30 मार्च 2026 से शुरू हुई गेहूं खरीद प्रक्रिया 15 जून 2026 तक चलेगी।</p>



<p>प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 3799 खरीद केंद्रों के माध्यम से किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। इनमें PCF के 2475, PCU के 948 और UPSS के 376 केंद्र शामिल हैं।</p>



<p>अब तक कुल 14.55 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के मुकाबले 6.45 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जो लक्ष्य का लगभग 44 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह खरीद 4.77 लाख मीट्रिक टन थी। यानी इस बार खरीद में स्पष्ट बढ़त दर्ज की गई है।</p>



<p>विभागीय आंकड़ों के अनुसार किसानों को कुल ₹1,66,708 लाख का भुगतान देय था, जिसमें से ₹1,55,907 लाख का भुगतान किया जा चुका है। इस अभियान से अब तक 1,33,576 किसान लाभान्वित हुए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में लाभान्वित किसानों की संख्या 1,05,708 थी।</p>



<p>सबसे अधिक खरीद करने वाले जनपदों में सहारनपुर पहले स्थान पर रहा, जहां 24,949 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसके बाद झांसी, जालौन, सीतापुर और मथुरा का स्थान रहा। वहीं सबसे कम खरीद गाजियाबाद, कन्नौज, बागपत, कासगंज और गौतमबुद्ध नगर में दर्ज की गई।</p>



<p>सहकारिता विभाग का दावा है कि किसानों को समय पर भुगतान और अधिक से अधिक खरीद सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/up-cooperative-wheat-procurement-surpasses-last-years-performance/">यूपी में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, सहकारी विभाग ने पिछले साल का रिकॉर्ड छोड़ा पीछे</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>मिजो अदरक को वैश्विक ब्रांड बनाने की दिशा में बड़ा कदम</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/189-79-crore-mizoram-ginger-mission-launched-by-centre/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 06:55:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेती-किसानी]]></category>
		<category><![CDATA[#MizoramGingerMission #JyotiradityaScindia #Mizoram #GingerFarming #FarmersWelfare #BrandNorthEast #GIProduct #Agriculture #NishchayTimes #IndiaNews]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क आइजोल/नई दिल्ली। केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री Jyotiraditya M. Scindia ने मिजोरम के मुख्यमंत्री Laldohoma के साथ मिलकर ₹189.79 करोड़ की लागत वाली “मिजोरम अदरक मिशन” परियोजना का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य मिजोरम में अदरक की खेती, प्रसंस्करण और विपणन को मजबूत बनाकर किसानों की आय में &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/189-79-crore-mizoram-ginger-mission-launched-by-centre/">मिजो अदरक को वैश्विक ब्रांड बनाने की दिशा में बड़ा कदम</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</p>



<p>आइजोल/नई दिल्ली। केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री Jyotiraditya M. Scindia ने मिजोरम के मुख्यमंत्री Laldohoma के साथ मिलकर ₹189.79 करोड़ की लागत वाली “मिजोरम अदरक मिशन” परियोजना का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य मिजोरम में अदरक की खेती, प्रसंस्करण और विपणन को मजबूत बनाकर किसानों की आय में वृद्धि करना है।</p>



<p>यह मिशन उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) के नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, नाबार्ड, आईसीएआर, एपीईडीए और निजी निवेशकों के सहयोग से संचालित किया जाएगा।</p>



<p>कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की “खेत से थाली तक” की सोच इस परियोजना में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि मिजोरम की जीआई-प्रमाणित फार्मा-ग्रेड अदरक विश्व स्तर पर प्रीमियम गुणवत्ता रखती है। मिजो अदरक में 6-8 प्रतिशत ओलियोरेसिन पाया जाता है, जबकि वैश्विक औसत लगभग 3 प्रतिशत है। इसके बावजूद किसानों को अभी केवल 8 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम का मूल्य मिलता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 500 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात को भी बढ़ावा देगा। मिशन के तहत एक एकीकृत प्रसंस्करण केंद्र और तीन सहायक केंद्र स्थापित किए जाएंगे। लगभग 20,000 किसान परिवारों को इस एकीकृत मूल्य श्रृंखला से जोड़ा जाएगा।</p>



<p>मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने इसे राज्य की कृषि और आर्थिक विकास यात्रा में ऐतिहासिक कदम बताया। वहीं निजी क्षेत्र के साझेदारों ने मिजो अदरक को वैश्विक प्रीमियम ब्रांड बनाने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।</p>



<p>सरकार का लक्ष्य “ब्रांड नॉर्थ ईस्ट” के तहत मिजो अदरक को दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और यूरोपीय बाजारों तक पहुंचाना है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/189-79-crore-mizoram-ginger-mission-launched-by-centre/">मिजो अदरक को वैश्विक ब्रांड बनाने की दिशा में बड़ा कदम</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा बेहतर लाभ</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/cabinet-approves-higher-msp-for-kharif-crops-for-2026-27-season/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 12:01:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेती-किसानी]]></category>
		<category><![CDATA[#MSP2026 #KharifCrops #Farmers #MinimumSupportPrice #NarendraModi #AgricultureNews #PaddyMSP #Oilseeds #FarmEconomy #NishchayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूरजमुखी, कपास और तिलहन फसलों पर सरकार का बड़ा दांव निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्कप्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) की बैठक में विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी गई। सरकार का दावा है कि इस &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h3 class="wp-block-heading">सूरजमुखी, कपास और तिलहन फसलों पर सरकार का बड़ा दांव</h3>



<p><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</strong><br>प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) की बैठक में विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी गई। सरकार का दावा है कि इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।</p>



<p>सरकार द्वारा जारी नए MSP में सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी के बीज पर 622 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। इसके बाद कपास पर 557 रुपये, नाइजरसीड पर 515 रुपये और तिल पर 500 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। धान के सामान्य ग्रेड का MSP 2441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि अरहर का MSP 8450 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।</p>



<p>सरकार के अनुसार MSP निर्धारण की यह नीति किसानों को उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। मूंग पर किसानों को 61 प्रतिशत तक लाभ मिलने का अनुमान है, जबकि बाजरा और मक्का पर 56 प्रतिशत तथा अरहर पर 54 प्रतिशत लाभ का दावा किया गया है।</p>



<p>सरकार ने कहा कि हाल के वर्षों में दलहन, तिलहन और श्री अन्न (मोटे अनाज) की खेती को बढ़ावा देने के लिए MSP नीति को लगातार मजबूत किया गया है। आंकड़ों के अनुसार 2014-15 से 2025-26 के बीच धान की खरीद 8418 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि 2004-05 से 2013-14 के बीच यह 4590 लाख मीट्रिक टन थी।</p>



<p>इसी अवधि में किसानों को MSP के रूप में भुगतान की गई राशि में भी बड़ा इजाफा हुआ है। सरकार के मुताबिक 2014-15 से 2025-26 के दौरान धान उत्पादक किसानों को 16.08 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि इससे पहले के दशक में यह आंकड़ा 4.44 लाख करोड़ रुपये था।</p>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि MSP में यह वृद्धि किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, लेकिन इसके साथ ही बाजार में खाद्यान्न कीमतों पर असर पड़ने की संभावना भी है। कई कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि MSP बढ़ाने के साथ-साथ खरीद व्यवस्था और भंडारण प्रणाली को भी मजबूत करना जरूरी होगा, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।</p>



<p><br></p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/cabinet-approves-higher-msp-for-kharif-crops-for-2026-27-season/">खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा बेहतर लाभ</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खेती और स्वास्थ्य को जोड़ने वाला ‘सेहत मिशन’ लॉन्च</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/https-nishchaytimes-com-auto-draft-48/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 06:48:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेती-किसानी]]></category>
		<category><![CDATA[#SehatMission #JPNadda #ShivrajSinghChouhan #ICAR #ICMR #HealthyIndia #Nutrition #Agriculture #HealthMission #NishchayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क केंद्र सरकार ने खेती और स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ते हुए देश में “सेहत मिशन” की शुरुआत की है। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में इस महत्वाकांक्षी मिशन को लॉन्च किया गया। यह पहल ICAR और &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</strong></p>



<p>केंद्र सरकार ने खेती और स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ते हुए देश में “सेहत मिशन” की शुरुआत की है। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में इस महत्वाकांक्षी मिशन को लॉन्च किया गया। यह पहल ICAR और ICMR की साझेदारी से शुरू की गई है।</p>



<p>कार्यक्रम में श्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि भारत अब केवल बीमारियों के इलाज पर नहीं, बल्कि उनकी रोकथाम, समय पर पहचान और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि “सेहत मिशन” रिएक्टिव नहीं बल्कि प्रोएक्टिव हेल्थ सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम है। उनके अनुसार कृषि और स्वास्थ्य संस्थानों का एक साथ आना वैज्ञानिक और कम लागत वाले समाधान तैयार करने में मदद करेगा।</p>



<p>उन्होंने कहा कि यह मिशन कुपोषण, डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्री नड्डा ने स्वदेशी अनुसंधान और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित हेल्थ मॉडल विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।</p>



<p>वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब देश को केवल ज्यादा उत्पादन नहीं, बल्कि पोषणयुक्त उत्पादन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “जो खाना है, वही उगाना है” की सोच के साथ यह मिशन स्वस्थ भारत की मजबूत नींव बनेगा। उन्होंने बायो-फोर्टिफाइड फसलों, मोटे अनाज, संतुलित आहार और एकीकृत खेती को बढ़ावा देने की बात कही।</p>



<p>मिशन के तहत किसानों और खेतिहर मजदूरों के स्वास्थ्य, सुरक्षित खेती पद्धतियों और रसायनों के संतुलित उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। “सेहत” यानी Science Excellence for Health through Agricultural Transformation मिशन का उद्देश्य खेती से थाली और थाली से स्वास्थ्य तक वैज्ञानिक संबंध स्थापित करना है। सरकार का मानना है कि यह पहल देश में बेहतर पोषण, रोग-नियंत्रण और टिकाऊ खाद्य प्रणाली विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगी।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/https-nishchaytimes-com-auto-draft-48/">खेती और स्वास्थ्य को जोड़ने वाला ‘सेहत मिशन’ लॉन्च</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डीप ओशन मिशन को मिली नई सफलता, समुद्री जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/india-develops-six-new-deep-sea-fish-cell-lines-under-deep-ocean-mission/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 May 2026 06:11:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेती-किसानी]]></category>
		<category><![CDATA[#DeepOceanMission #ICARNBFGR #BlueEconomy #MarineResearch #FishGenetics #IndiaScience #NishchayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क भारत ने समुद्री जैव प्रौद्योगिकी और गहरे समुद्र के अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ICAR-नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज़ (ICAR-NBFGR), कोच्चि ने मेसोपेलेजिक और गहरे समुद्र की मछलियों से प्राप्त छह नई सेल लाइन्स सफलतापूर्वक विकसित की हैं। यह उपलब्धि भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</strong></p>



<p> भारत ने समुद्री जैव प्रौद्योगिकी और गहरे समुद्र के अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ICAR-नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज़ (ICAR-NBFGR), कोच्चि ने मेसोपेलेजिक और गहरे समुद्र की मछलियों से प्राप्त छह नई सेल लाइन्स सफलतापूर्वक विकसित की हैं। यह उपलब्धि भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के महत्वाकांक्षी ‘डीप ओशन मिशन’ (DOM) के अंतर्गत हासिल की गई है।</p>



<p>इस कार्यक्रम का उद्घाटन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने किया। उन्होंने औपचारिक रूप से इन नई सेल लाइनों को ICAR-NBFGR के निदेशक डॉ. काजल चक्रबर्ती को सौंपा। कार्यक्रम में डीप ओशन मिशन के मिशन निदेशक डॉ. एम. वी. रमना मूर्ति, INCOIS के निदेशक डॉ. टी.एम. बालकृष्णन नायर तथा CMLRE के निदेशक डॉ. आर.एस. महेशकुमार सहित कई प्रमुख वैज्ञानिक उपस्थित रहे।</p>



<p>डॉ. रविचंद्रन ने कहा कि यह पहल डीप ओशन मिशन के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका मकसद गहरे समुद्र के जैव संसाधनों की खोज, संरक्षण और सतत उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की ‘ब्लू इकोनॉमी’ को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।</p>



<p>NBFGR के निदेशक डॉ. काजल चक्रबर्ती ने कहा कि यह उपलब्धि समुद्री जैव विविधता और आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि गहरे समुद्र के जैव-पारिस्थितिकी तंत्रों पर अभी व्यापक शोध की आवश्यकता है और संस्थान इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।</p>



<p>कार्यक्रम में इन नई सेल लाइनों को NBFGR के राष्ट्रीय भंडार में औपचारिक रूप से जमा किया गया तथा संबंधित वैज्ञानिक प्रकाशनों को भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही सहयोगी अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए ICAR-NBFGR ने INCOIS, CMLRE और IITM के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-09-at-11.34.05-AM-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-34339" srcset="https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-09-at-11.34.05-AM-1024x682.jpeg 1024w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-09-at-11.34.05-AM-300x200.jpeg 300w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-09-at-11.34.05-AM-768x512.jpeg 768w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-09-at-11.34.05-AM-1536x1024.jpeg 1536w, https://nishchaytimes.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-09-at-11.34.05-AM-2048x1365.jpeg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/india-develops-six-new-deep-sea-fish-cell-lines-under-deep-ocean-mission/">डीप ओशन मिशन को मिली नई सफलता, समुद्री जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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