खेती-किसानी

डीप ओशन मिशन को मिली नई सफलता, समुद्री जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा

गहरे समुद्र की मछलियों पर भारत की बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि, छह नई सेल लाइन्स विकसित

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

भारत ने समुद्री जैव प्रौद्योगिकी और गहरे समुद्र के अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ICAR-नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज़ (ICAR-NBFGR), कोच्चि ने मेसोपेलेजिक और गहरे समुद्र की मछलियों से प्राप्त छह नई सेल लाइन्स सफलतापूर्वक विकसित की हैं। यह उपलब्धि भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के महत्वाकांक्षी ‘डीप ओशन मिशन’ (DOM) के अंतर्गत हासिल की गई है।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने किया। उन्होंने औपचारिक रूप से इन नई सेल लाइनों को ICAR-NBFGR के निदेशक डॉ. काजल चक्रबर्ती को सौंपा। कार्यक्रम में डीप ओशन मिशन के मिशन निदेशक डॉ. एम. वी. रमना मूर्ति, INCOIS के निदेशक डॉ. टी.एम. बालकृष्णन नायर तथा CMLRE के निदेशक डॉ. आर.एस. महेशकुमार सहित कई प्रमुख वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

डॉ. रविचंद्रन ने कहा कि यह पहल डीप ओशन मिशन के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका मकसद गहरे समुद्र के जैव संसाधनों की खोज, संरक्षण और सतत उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की ‘ब्लू इकोनॉमी’ को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

NBFGR के निदेशक डॉ. काजल चक्रबर्ती ने कहा कि यह उपलब्धि समुद्री जैव विविधता और आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि गहरे समुद्र के जैव-पारिस्थितिकी तंत्रों पर अभी व्यापक शोध की आवश्यकता है और संस्थान इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम में इन नई सेल लाइनों को NBFGR के राष्ट्रीय भंडार में औपचारिक रूप से जमा किया गया तथा संबंधित वैज्ञानिक प्रकाशनों को भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही सहयोगी अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए ICAR-NBFGR ने INCOIS, CMLRE और IITM के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

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