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	<title>तकनीक - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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	<lastBuildDate>Tue, 11 Aug 2026 11:13:04 +0000</lastBuildDate>
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	<title>तकनीक - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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	<item>
		<title>यूपी में एआई क्रांति का शंखनाद: सीआईआई और एकटीयू ने युवाओं को &#8216;एआई-रेडी&#8217; बनाने के लिए हाथ मिलाया</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/cii-and-aktu-join-hands-to-build-an-ai-ready-youth-force-in-uttar-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 11:13:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[#CII #AKTU #ArtificialIntelligence #AI #MachineLearning #GenerativeAI #YouthSkilling #DigitalSkills #UttarPradesh #DigitalEconomy #IITMadras #NCVET #MeitY #IndiaAI #AnytimeNewsNetwork]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क उत्तर प्रदेश के युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक तकनीकों में निपुण बनाकर भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने एआई कौशल विकास को गति देने के &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h2 class="wp-block-heading">निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</h2>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश के युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक तकनीकों में निपुण बनाकर भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने एआई कौशल विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&#8220;ड्रीम्स अनलॉक्ड&#8221; पहल: देश के 1 लाख से अधिक छात्रों का होगा कायाकल्प</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस साझेदारी के तहत &#8216;एचपी&#8217; (HP) के सहयोग से सीआईआई द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय कार्यक्रम <em>&#8220;ड्रीम्स अनलॉक्ड: बिल्डिंग एन एआई-रेडी इंडिया&#8221;</em> को लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य भारतभर के एक लाख से अधिक युवाओं को 30 घंटे के सेल्फ-पेस्ड ऑनलाइन पाठ्यक्रम के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा एनालिसिस और जनरेटिव एआई का व्यावहारिक व उद्योग-उपयोगी ज्ञान देना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">आईआईटी मद्रास का कंटेंट और MeitY का समर्थन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस एआई कौशल कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका अध्ययन कंटेंट आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है, जिसे &#8216;एनसीवीईटी&#8217; (NCVET) से मान्यता प्राप्त है। इस पहल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और &#8216;इण्डिया एआई इम्पेक्ट समिट 2026&#8217; का पूर्ण समर्थन हासिल है, जो देश में डिजिटल बदलाव की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को दर्शाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">उद्योग-अकादमिक तालमेल से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार</h3>



<p class="wp-block-paragraph">यह रणनीतिक समझौता उत्तर प्रदेश में उद्योग और शिक्षा जगत के बीच के अंतर को पाटकर एआई स्किलिंग इकोसिस्टम को अत्यधिक मजबूती प्रदान करेगा। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं को न केवल आधुनिक तकनीकी ज्ञान मिलेगा, बल्कि उनके लिए वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर भी पैदा होंगे।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/cii-and-aktu-join-hands-to-build-an-ai-ready-youth-force-in-uttar-pradesh/">यूपी में एआई क्रांति का शंखनाद: सीआईआई और एकटीयू ने युवाओं को ‘एआई-रेडी’ बनाने के लिए हाथ मिलाया</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>AI और आयुष का महागठबंधन</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/ai-revolution-in-traditional-medicine-indiaai-and-ayush-ministry-sign-landmark-pact/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Aug 2026 06:28:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>इंडियाएआई–आयुष मंत्रालय की साझेदारी से हेल्थ रिसर्च और नवाचार को मिलेगी नई रफ्तार निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क भारत ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के IndiaAI Mission और आयुष मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/ai-revolution-in-traditional-medicine-indiaai-and-ayush-ministry-sign-landmark-pact/">AI और आयुष का महागठबंधन</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3 class="wp-block-heading"><strong>इंडियाएआई–आयुष मंत्रालय की साझेदारी से हेल्थ रिसर्च और नवाचार को मिलेगी नई रफ्तार</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</strong></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"> भारत ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के <strong>IndiaAI Mission</strong> और <strong>आयुष मंत्रालय</strong> ने एक महत्वपूर्ण <strong>समझौता ज्ञापन (MoU)</strong> पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं में एआई आधारित अनुसंधान और नवाचार को नई गति देना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>AIKosh बनेगा आयुष डेटा का राष्ट्रीय भंडार</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस साझेदारी के तहत आयुष मंत्रालय अपने योग्य एवं गुमनाम (Anonymised) <strong>हेल्थ रिसर्च आर्टिफैक्ट्स</strong>—जैसे डेटासेट, मेटाडेटा, एआई मॉडल, टूलकिट और उपयोग मामलों—को <strong>AIKosh</strong> से जोड़ेगा। इससे शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को भारतीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप अत्याधुनिक एआई समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इंडियाएआई मिशन के मुख्य परिचालन अधिकारी एवं संयुक्त सचिव <strong>सुदीप श्रीवास्तव</strong> ने कहा कि यह समझौता भारत के पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे आयुष क्षेत्र के शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को डेटा-संचालित अनुसंधान तथा बेहतर स्वास्थ्य समाधान विकसित करने में सहायता मिलेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रिसर्च से लेकर औषधीय पौधों तक AI की भूमिका</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव <strong>डॉ. कविता जैन</strong> ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आयुष इकोसिस्टम में साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, ज्ञान प्रबंधन, औषधीय पौधों के अध्ययन, औषधि प्रशासन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। इससे आयुष प्रणाली अधिक वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी-संचालित और भविष्य के लिए तैयार बनेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को मिलेगा सुपरकंप्यूटिंग का साथ</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">समझौते के तहत आयुष इकोसिस्टम के पात्र संस्थानों और स्टार्टअप्स को <strong>IndiaAI Compute Infrastructure</strong> तक पहुंच मिलेगी, जिससे उन्नत एआई मॉडल विकसित करने और स्केलेबल हेल्थकेयर समाधान तैयार करने में मदद मिलेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आत्मनिर्भर डिजिटल हेल्थ की ओर बड़ा कदम</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">दो वर्षों के लिए प्रभावी यह समझौता बिना किसी वित्तीय दायित्व के लागू होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को वैश्विक डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जोड़ते हुए <strong>आत्मनिर्भर भारत</strong>, <strong>डिजिटल इंडिया</strong> और <strong>AI for Public Good</strong> के विजन को नई मजबूती देगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/ai-revolution-in-traditional-medicine-indiaai-and-ayush-ministry-sign-landmark-pact/">AI और आयुष का महागठबंधन</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्मार्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर बढ़ता भारत</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/indias-smart-mobility-vision-gains-momentum/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:16:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>राष्ट्रीय मिशन नहीं, लेकिन केंद्र की योजनाओं से राज्यों को मिल रहा मजबूत सहयोग निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क देश के शहरों में आधुनिक, सुगम और डिजिटल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन मिशन जैसी कोई अलग केंद्रीय योजना फिलहाल लागू नहीं है। &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/indias-smart-mobility-vision-gains-momentum/">स्मार्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर बढ़ता भारत</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3 class="wp-block-heading"><strong>राष्ट्रीय मिशन नहीं, लेकिन केंद्र की योजनाओं से राज्यों को मिल रहा मजबूत सहयोग</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">देश के शहरों में आधुनिक, सुगम और डिजिटल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि <strong>राष्ट्रीय स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन मिशन</strong> जैसी कोई अलग केंद्रीय योजना फिलहाल लागू नहीं है। हालांकि, <strong>पीएम ई-बस सेवा</strong>, <strong>पीएम ई-ड्राइव</strong>, <strong>मेट्रो नीति-2017</strong> और <strong>राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति-2006</strong> के माध्यम से राज्यों को व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>राज्यों की जिम्मेदारी, केंद्र का सहयोग</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि शहरी नियोजन राज्य सरकारों का विषय है। इसलिए सार्वजनिक परिवहन, यातायात प्रबंधन, डिजिटल मोबिलिटी और शहरी अवसंरचना से जुड़े प्रस्ताव तैयार करने और लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों की है। केंद्र सरकार व्यवहार्यता के आधार पर वित्तीय एवं नीतिगत सहायता उपलब्ध कराती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>&#8216;एक राष्ट्र, एक कार्ड&#8217; का विस्तार</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रीय कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) देश में डिजिटल यात्रा का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभर रहा है। <strong>&#8220;One Nation, One Card&#8221;</strong> की अवधारणा पर आधारित यह कार्ड वर्तमान में <strong>13 मेट्रो परियोजनाओं</strong> और <strong>11 बस परिवहन निगमों</strong> में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इससे यात्रियों को एक ही कार्ड से विभिन्न परिवहन सेवाओं का उपयोग करने की सुविधा मिल रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डिजिटल टिकटिंग से घटेगी ट्रैफिक की चुनौती</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार का मानना है कि डिजिटल टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली (AFCS), एकीकृत परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी। इससे महानगरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आने की उम्मीद है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ई-बसों पर बड़ा फोकस</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">पीएम ई-बस सेवा के दिशा-निर्देशों में <strong>एनसीएमसी आधारित ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम</strong> को अनिवार्य प्राथमिकता दी गई है। वहीं राज्यों से प्रस्ताव मिलने पर ई-बसों की तैनाती और मेट्रो परियोजनाओं को केंद्रीय सहायता प्रदान की जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भविष्य की शहरी गतिशीलता का ब्लूप्रिंट</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">केंद्र सरकार ने एकीकृत मोबिलिटी प्लान, मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन और डीपीआर तैयार करने जैसी परियोजनाओं को भी वित्तीय सहायता के दायरे में शामिल किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल आने वाले वर्षों में भारत के शहरों को स्मार्ट, हरित और डिजिटल परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/indias-smart-mobility-vision-gains-momentum/">स्मार्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर बढ़ता भारत</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तर प्रदेश बनेगा देश का अगला एआई हब: CII टेक समिट में रोडमैप तैयार</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/innovation-talent-and-digital-governance-drive-the-vision-for-an-ai-first-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:08:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[#वित्तीय_समावेशन_की_पाठशाला #निश्चय_टाइम्स #यूपी_एआई_समिट #आर्टिफिशियल_इंटेलिजेंस #सुनील_कुमार_शर्मा #CII]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क लखनऊ में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के &#8216;यूपी एआई टेक समिट 2026&#8217; में उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित करने का व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में उद्योग जगत के प्रमुख दिग्गजों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने आर्थिक &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p class="wp-block-paragraph"><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क</strong> </p>



<h4 class="wp-block-heading"></h4>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के &#8216;यूपी एआई टेक समिट 2026&#8217; में उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित करने का व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में उद्योग जगत के प्रमुख दिग्गजों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने आर्थिक समृद्धि एवं लोक कल्याण के लिए एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग पर गहन विचार-विमर्श किया।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>कृषि और एग्री-टेक पर सरकार का विशेष फोकस</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप राज्य सरकार नवाचार और निवेश के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की स्टार्टअप नीति अब विशेष रूप से एग्री-टेक पर केंद्रित है। एआई का उपयोग फसलों की उत्पादकता बढ़ाने तथा किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि के लिए किया जाएगा, साथ ही इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाएगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>24 करोड़ की आबादी: एआई मॉडल के लिए अपार डेटा संसाधन</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">प्रमुख सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) आलोक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की विशाल जनसंख्या अब चुनौतियों को पीछे छोड़कर वैश्विक एआई कंपनियों के लिए डेटा प्रशिक्षण का सबसे बड़ा संसाधन बन गई है। राज्य सरकार यूपी से निकले वैश्विक तकनीकी दिग्गजों और प्रतिभाओं का एकीकृत डेटाबेस तैयार कर रही है, ताकि उन्हें राज्य की विकास यात्रा से जोड़ा जा सके।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>पाँच स्तंभों पर आधारित होगा एआई-फर्स्ट भविष्य</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">इनमोबी की ग्लोबल एसवीपी डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने सम्मेलन में कहा कि यूपी को टेक दिग्गजों की नई प्रयोगशाला बनाना ही मुख्य ध्येय है। उन्होंने एआई-संचालित भविष्य के निर्माण के लिए पाँच प्रमुख स्तंभों—कंप्यूट, डेटा, टैलेंट, एप्लीकेशन और ट्रस्ट (भरोसा)—पर काम करने की रणनीति साझा की। सम्मेलन का समापन एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और नैतिक एआई इकोसिस्टम के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/innovation-talent-and-digital-governance-drive-the-vision-for-an-ai-first-state/">उत्तर प्रदेश बनेगा देश का अगला एआई हब: CII टेक समिट में रोडमैप तैयार</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रसायन क्षेत्र को मिली विकास की नई रफ्तार</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/cabinet-clears-bhavya-rasayan-to-transform-indias-chemical-industry/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 13:31:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[#भव्य_रसायन #ChemicalParks #CabinetDecision #MakeInIndia #ChemicalIndustry #IndustrialGrowth #AtmanirbharBharat #Manufacturing #Exports #NischayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>भारत के औद्योगिक भविष्य को नई ऊर्जा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने &#8216;भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (भव्य-रसायन)&#8217; को मंजूरी देते हुए देश में तीन समर्पित रासायनिक पार्कों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। यह &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p class="wp-block-paragraph"> भारत के औद्योगिक भविष्य को नई ऊर्जा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। प्रधानमंत्री <strong>नरेन्द्र मोदी</strong> की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने <strong>&#8216;भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (भव्य-रसायन)&#8217;</strong> को मंजूरी देते हुए देश में <strong>तीन समर्पित रासायनिक पार्कों</strong> की स्थापना का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल रसायन उद्योग को नई ऊंचाई देगी, बल्कि भारत को वैश्विक केमिकल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी निर्णायक कदम साबित होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>₹3,030 करोड़ का बड़ा निवेश</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">वित्त वर्ष <strong>2026-27 से 2030-31</strong> तक लागू रहने वाली इस योजना के लिए <strong>₹3,030 करोड़</strong> का प्रावधान किया गया है। इसमें <strong>₹3,000 करोड़</strong> पार्कों की आंतरिक अवसंरचना और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर तथा <strong>₹30 करोड़</strong> प्रशासनिक व्यय पर खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार प्रत्येक पार्क के लिए <strong>₹1,000 करोड़ तक का अनुदान</strong> देगी, जबकि संबंधित राज्य सरकार को कम से कम <strong>₹500 करोड़</strong> का योगदान करना होगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>उद्योग को मिलेगा एकीकृत इकोसिस्टम</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">भव्य-रसायन योजना का उद्देश्य कच्चे माल की उपलब्धता से लेकर अंतिम उत्पाद की आपूर्ति तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को एकीकृत करना है। साझा बुनियादी ढांचा, आधुनिक उपयोगिताएं और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क उद्योग की लागत कम करेंगे तथा उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता को नई मजबूती देंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>निर्यात बढ़ेगा, आयात पर घटेगी निर्भरता</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना भारतीय रसायन उद्योग को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, आयात प्रतिस्थापन मजबूत होगा और विदेशी निवेश आकर्षित होने की संभावना भी बढ़ेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>हरित विकास पर रहेगा विशेष जोर</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">योजना के तहत साझा <strong>अपशिष्ट उपचार संयंत्र</strong>, <strong>ट्रीटमेंट, स्टोरेज एंड डिस्पोजल फैसिलिटी (TSDF)</strong> तथा <strong>खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना</strong> विकसित की जाएगी। इससे पर्यावरणीय मानकों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा और औद्योगिक विकास टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>&#8216;विकसित भारत-2047&#8217; की मजबूत नींव</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार का मानना है कि रसायन उद्योग के विस्तार से विनिर्माण, फार्मा, ऑटोमोबाइल, कृषि और उपभोक्ता उद्योगों को भी नई गति मिलेगी। रोजगार सृजन, निवेश वृद्धि और औद्योगिक उत्पादन में तेजी लाकर <strong>भव्य-रसायन योजना</strong> विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/cabinet-clears-bhavya-rasayan-to-transform-indias-chemical-industry/">रसायन क्षेत्र को मिली विकास की नई रफ्तार</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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