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	<title>तकनीक - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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	<title>तकनीक - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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		<title>एक मंच पर जुटे विशेषज्ञ डॉक्टर—स्वास्थ्य जागरूकता का दिया सशक्त संदेश</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/specialist-doctors-unite-to-promote-scientific-health-awareness/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:12:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[#WorldHealthDay #HealthCamp #Raebareli #HealthyLife #MedicalAwareness]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क रेडिका रायबरेली चिकित्सालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर एक व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसने स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा दी। इस शिविर का आयोजन अजंता चिकित्सालय लखनऊ के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क</strong></p>



<p>रेडिका रायबरेली चिकित्सालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर एक व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसने स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा दी। इस शिविर का आयोजन अजंता चिकित्सालय लखनऊ के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।</p>



<p>इस स्वास्थ्य शिविर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुकृति सिंह, यूरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज अग्रवाल और मनोचिकित्सक डॉ. अभिषेक गुप्ता ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान कीं। शिविर के दौरान कुल 167 लाभार्थियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया, जिससे लोगों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझने और समय रहते उपचार लेने का अवसर मिला।</p>



<p>विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम “स्वास्थ्य के लिए एकजुट विज्ञान के साथ खड़े रहें” के अनुरूप इस शिविर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि सही जानकारी और समय पर जांच ही कई गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।</p>



<p>आरेडिका के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना आवश्यक है।</p>



<p>यह आयोजन न केवल एक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम रहा, बल्कि जागरूकता और प्रेरणा का माध्यम भी बना। आरेडिका चिकित्सालय द्वारा उठाया गया यह कदम कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक सकारात्मक पहल साबित हुआ है।</p>



<p>भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की योजना है, जिससे नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता को बढ़ावा मिल सके।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/specialist-doctors-unite-to-promote-scientific-health-awareness/">एक मंच पर जुटे विशेषज्ञ डॉक्टर—स्वास्थ्य जागरूकता का दिया सशक्त संदेश</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>वैश्विक फूड चेन तक पहुंचा भारतीय बाजरा, डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिखाया नवाचार का रोडमैप</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/millet-revolution-gains-momentum-as-cftri-mysuru-gets-new-training-hostel/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 10:13:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[#MilletMission #CFTRI #JitendraSingh #FoodInnovation #StartupIndia #Nutrition #NishchayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क । भारत की पारंपरिक कृषि को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने Central Food Technological Research Institute में प्रशिक्षुओं के लिए 30 एकल अधिभोग हॉस्टल परियोजना का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि भारतीय तकनीक से &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क </strong></p>



<p>। भारत की पारंपरिक कृषि को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने Central Food Technological Research Institute में प्रशिक्षुओं के लिए 30 एकल अधिभोग हॉस्टल परियोजना का शिलान्यास किया।</p>



<p>इस मौके पर उन्होंने बताया कि भारतीय तकनीक से विकसित बाजरा आधारित व्यंजन अब McDonald&#8217;s जैसी अंतरराष्ट्रीय फूड चेन में परोसे जा रहे हैं, जो भारत की खाद्य तकनीक और नवाचार की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।</p>



<p>डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि CFTRI का ‘बाजरा उत्कृष्टता केंद्र’ न केवल अनुसंधान का केंद्र है, बल्कि यह किसानों, स्टार्टअप्स और स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने वाला मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पारंपरिक उत्पाद ‘कलारी’ को भी वैश्विक खाद्य उत्पाद के रूप में विकसित करने की योजना का संकेत दिया।</p>



<p>आरकेवीवाई के तहत बन रहा यह हॉस्टल कॉम्प्लेक्स लगभग 50 प्रतिभागियों के लिए आवासीय सुविधा प्रदान करेगा। इसमें रसोई, भोजन और प्रशिक्षण की आधुनिक व्यवस्थाएं होंगी, जिससे देशभर से आने वाले किसान, एफपीओ और उद्यमी आसानी से प्रशिक्षण ले सकेंगे।</p>



<p>CFTRI का बाजरा केंद्र अत्याधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों से लैस है, जिसमें 300 से 1000 किलोग्राम प्रति घंटा की क्षमता वाली मशीनें शामिल हैं। यह केंद्र बाजरा उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और उन्हें बाजार के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।</p>



<p>मंत्री ने जोर देकर कहा कि अब समय है कि वैज्ञानिक नवाचार को प्रयोगशालाओं से निकालकर सीधे किसानों और उद्यमियों तक पहुंचाया जाए। डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्टार्टअप्स के माध्यम से इस तकनीक का व्यापक प्रसार किया जाएगा।</p>



<p>यह पहल न केवल पोषण सुरक्षा बल्कि रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेगी, जिससे भारत की खाद्य अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/millet-revolution-gains-momentum-as-cftri-mysuru-gets-new-training-hostel/">वैश्विक फूड चेन तक पहुंचा भारतीय बाजरा, डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिखाया नवाचार का रोडमैप</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्पेस स्टार्टअप फंड पर धीमी रफ्तार—₹1005 करोड़ का कोष, निवेश अब भी दूर</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/indias-space-startup-fund-faces-delays-despite-1005-crore-corpus/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Apr 2026 05:45:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[#SpaceTech #StartupIndia #VentureFund #JitendraSingh #SEBI #Innovation #NishchayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#124; निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्कभारत के महत्वाकांक्षी स्पेसटेक सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया वेंचर कैपिटल फंड अब भी शुरुआती प्रक्रियाओं में उलझा हुआ नजर आ रहा है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में जानकारी दी कि ₹1,005 करोड़ के इस फंड से वास्तविक निवेश वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही से शुरू &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>| निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क</strong><br>भारत के महत्वाकांक्षी स्पेसटेक सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया वेंचर कैपिटल फंड अब भी शुरुआती प्रक्रियाओं में उलझा हुआ नजर आ रहा है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में जानकारी दी कि ₹1,005 करोड़ के इस फंड से वास्तविक निवेश वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही से शुरू होने की उम्मीद है—यानी अभी और इंतजार तय है।</p>



<p>हालांकि SIDBI Venture Capital Limited (SVCL) को फंड का प्रबंधन सौंपा गया है और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से पंजीकरण भी मिल चुका है, लेकिन निवेश प्रक्रिया अब तक कागजी औपचारिकताओं और मूल्यांकन चरण में ही अटकी हुई है।</p>



<p>सरकार के अनुसार, कस्टोडियन की नियुक्ति, AIF यूनिट्स का ढांचा और निवेश समितियों का गठन जैसे कदम पूरे हो चुके हैं। बावजूद इसके, स्टार्टअप्स तक पूंजी पहुंचने में देरी यह संकेत देती है कि नीति और क्रियान्वयन के बीच अब भी बड़ा अंतर मौजूद है।</p>



<p>चार प्रस्ताव “उन्नत चरण” में होने के बावजूद फंडिंग शुरू न होना सवाल खड़े करता है कि क्या भारत का स्पेसटेक इकोसिस्टम अभी भी निवेश के लिए तैयार नहीं है, या फिर प्रक्रियाएं जरूरत से ज्यादा जटिल हैं। खुद मंत्री ने स्वीकार किया कि स्टार्टअप्स को दस्तावेज़ीकरण और डेटा तैयार करने में सहायता दी जा रही है—जो इस सेक्टर की अपरिपक्वता को दर्शाता है।</p>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि जहां वैश्विक स्तर पर स्पेस स्टार्टअप्स तेजी से निवेश आकर्षित कर रहे हैं, वहीं भारत में इतनी बड़ी फंडिंग पहल का धीमा क्रियान्वयन अवसरों के नुकसान का कारण बन सकता है।</p>



<p>सरकार ने भले ही इसे भविष्य की बड़ी पहल बताया हो, लेकिन मौजूदा स्थिति यह संकेत देती है कि महत्वाकांक्षा और वास्तविक प्रगति के बीच अब भी लंबा फासला तय करना बाकी है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/indias-space-startup-fund-faces-delays-despite-1005-crore-corpus/">स्पेस स्टार्टअप फंड पर धीमी रफ्तार—₹1005 करोड़ का कोष, निवेश अब भी दूर</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>19 साल में 30 देशों के लिए रॉकेट डिजाइन—प्रखर विश्वकर्मा का ‘VIRAAT SAFE’ बना ग्लोबल चर्चा</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/indias-young-missile-man-shines-in-usa-wins-aps-youngest-participant-award/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 07:05:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[#PrakharVishwakarma #YoungMissileMan #IndianTalent #GlobalPhysicsSummit #InnovationIndia #NishchayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छोटे से गांव लरौन से निकले 19 वर्षीय प्रतिभाशाली युवा Prakhar Vishwakarma ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन कर दिया है। अमेरिका के डेनवर में American Physical Society द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल फिजिक्स समिट 2026’ में प्रखर को ‘यंगेस्ट पार्टिसिपेंट’ अवार्ड से सम्मानित किया &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क</p>



<p>मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छोटे से गांव लरौन से निकले 19 वर्षीय प्रतिभाशाली युवा Prakhar Vishwakarma ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन कर दिया है। अमेरिका के डेनवर में American Physical Society द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल फिजिक्स समिट 2026’ में प्रखर को <strong>‘यंगेस्ट पार्टिसिपेंट’ अवार्ड</strong> से सम्मानित किया गया।</p>



<p>महज 19 वर्ष की उम्र में प्रखर की उपलब्धियां किसी अनुभवी वैज्ञानिक से कम नहीं हैं। एयरोस्पेस, डिफेंस और स्पेस साइंस जैसे जटिल क्षेत्रों में उनके नाम 300 से अधिक नेशनल और इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन दर्ज हैं। इतना ही नहीं, वे अब तक 30 से ज्यादा देशों के लिए रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट डिजाइनिंग प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं, जो उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है।</p>



<p>इस अंतरराष्ट्रीय समिट में प्रखर ने अपना स्वदेशी डिफेंस प्रोजेक्ट <strong>‘VIRAAT SAFE’ (Virtual Defence System)</strong> प्रस्तुत किया, जिसे दुनिया भर के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने सराहा। इसे भविष्य की रक्षा तकनीक के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, वे Indian Space Research Organisation (ISRO) के पंजीकृत ‘स्पेस ट्यूटर’ भी हैं और देश के सैकड़ों युवाओं को रॉकेट्री व एस्ट्रोनॉमी की शिक्षा दे रहे हैं।</p>



<p>प्रखर ‘प्रोजेक्ट रैम’ और स्वदेशी ड्रोन तकनीक पर भी काम कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें प्रदेश में ‘मिसाइल मैन’ के नाम से पहचान मिली है। वर्तमान में वे भोपाल स्थित बंसल इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं और उनका सपना भारत को रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनाना है।</p>



<p>उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और संस्थान के मार्गदर्शकों को दिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/indias-young-missile-man-shines-in-usa-wins-aps-youngest-participant-award/">19 साल में 30 देशों के लिए रॉकेट डिजाइन—प्रखर विश्वकर्मा का ‘VIRAAT SAFE’ बना ग्लोबल चर्चा</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैव विविधता कानून का असर—IPR आवेदनों में जबरदस्त उछाल</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/biodiversity-amendment-triggers-surge-in-ipr-filings/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 06:50:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[#BiodiversityAct2023 #IPRIndia #NBAIndia #InnovationGrowth #BiotechIndia #NishchayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क National Biodiversity Authority (एनबीए) के ताजा आंकड़े देश में नवाचार और जैविक संसाधनों के उपयोग के बदलते परिदृश्य की कहानी बयां कर रहे हैं। जैविक विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 के लागू होने के बाद बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से जुड़े आवेदनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो विज्ञान, उद्योग &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/biodiversity-amendment-triggers-surge-in-ipr-filings/">जैव विविधता कानून का असर—IPR आवेदनों में जबरदस्त उछाल</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क</strong></p>



<p>National Biodiversity Authority (एनबीए) के ताजा आंकड़े देश में नवाचार और जैविक संसाधनों के उपयोग के बदलते परिदृश्य की कहानी बयां कर रहे हैं। <strong>जैविक विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023</strong> के लागू होने के बाद बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से जुड़े आवेदनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो विज्ञान, उद्योग और पारंपरिक ज्ञान के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाती है।</p>



<p>संशोधित कानून के तहत अब भारत के जैविक संसाधनों पर आधारित किसी भी पेटेंट या अन्य IPR आवेदन से पहले एनबीए से <strong>पंजीकरण प्रमाणपत्र (CoR)</strong> लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इस सख्ती ने जहां एक ओर सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग और लाभ के समान बंटवारे को भी सुनिश्चित किया है।</p>



<p>आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच <strong>857 आवेदन</strong> प्राप्त हुए, जिनमें से <strong>792 को स्वीकृति</strong> मिली। वहीं अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच यह संख्या बढ़कर <strong>1,077 आवेदन</strong> तक पहुंच गई, जिनमें से <strong>885 को CoR जारी</strong> किए गए। यह स्पष्ट संकेत है कि उद्योग और शोध संस्थान अब इस सुव्यवस्थित नियामक ढांचे को तेजी से अपना रहे हैं।</p>



<p>इन आवेदनों में बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि रसायन, खाद्य विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग जैसे विविध सेक्टर शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत में <strong>जिम्मेदार नवाचार (Responsible Innovation)</strong> की दिशा में एक बड़ा कदम है।</p>



<p>कुल मिलाकर, यह संशोधन न केवल अनुसंधान और व्यापार को आसान बना रहा है, बल्कि जैविक संसाधनों के संरक्षण और उनके न्यायसंगत उपयोग के बीच संतुलन भी स्थापित कर रहा है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/biodiversity-amendment-triggers-surge-in-ipr-filings/">जैव विविधता कानून का असर—IPR आवेदनों में जबरदस्त उछाल</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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