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प्राकृतिक हीरों में भरोसा बढ़ाने पर जोर

मुंबई अंतरसत्रीय बैठक में पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास बना मुख्य मुद्दा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

Kimberley Process Intersessional Meeting 2026 का सफल समापन भारत की अध्यक्षता में मुंबई में हुआ, जिसमें प्राकृतिक हीरा क्षेत्र के भविष्य, पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की गई। चार दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में किम्बर्ली प्रक्रिया (केपी) के प्रतिभागियों, उद्योग संगठनों, नागरिक समाज समूहों और वैश्विक हितधारकों ने भाग लिया।

समापन अवसर पर Piyush Goyal ने कहा कि भारत प्राकृतिक हीरों को केवल विलासिता का प्रतीक नहीं बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और साझा समृद्धि का माध्यम मानता है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में “3सी”— विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास — को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि वैश्विक हीरा बाजार में पारदर्शिता और भरोसा और मजबूत हो सके।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक हीरा उद्योग दुनिया भर में लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है और भारत इस क्षेत्र में जिम्मेदार स्रोत (Responsible Sourcing) और पारदर्शी व्यापार प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत दुनिया के सबसे बड़े हीरा कटिंग और पॉलिशिंग केंद्रों में से एक है, इसलिए उसकी भूमिका वैश्विक स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सम्मेलन के दौरान निगरानी, शासन व्यवस्था, तकनीकी प्रक्रियाओं, सांख्यिकी और उत्पादन से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें प्राकृतिक हीरों की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया।

केपी चेयर 2026 श्री सुचिंद्र मिश्रा ने कहा कि मुंबई बैठक में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि सभी प्रतिभागी प्राकृतिक हीरा व्यापार को अधिक जिम्मेदार और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता विश्वास ही इस उद्योग की सबसे बड़ी ताकत है।

सम्मेलन में यह भी तय किया गया कि जागरूकता और संचार प्रयासों को बढ़ाया जाएगा ताकि अंतिम उपभोक्ता तक जिम्मेदार स्रोत और नैतिक व्यापार की जानकारी प्रभावी रूप से पहुंच सके।

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