लखनऊ

होली मिलन में सामाजिक मुद्दों पर चर्चा से ज्यादा औपचारिकताओं का बोलबाला

समाज सुधार की बातें, लेकिन ठोस पहल पर सन्नाटा—माहेश्वरी समाज के कार्यक्रम पर उठे सवाल


युवाओं को आगे आने का आह्वान, फिर भी समाज की कुरीतियों पर ठोस योजना का अभाव

(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डी.एफ. हिंदी)

लखनऊ के निराला नगर स्थित माधव सभागार में शुक्रवार को माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह भले ही रंग और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ, लेकिन कार्यक्रम के दौरान समाज के सामने मौजूद गंभीर मुद्दों पर ठोस पहल का अभाव भी साफ दिखाई दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महेश और माता पार्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद महेश वंदना, वंदेमातरम् और राष्ट्रीय गान प्रस्तुत किया गया। समाज के मीडिया प्रभारी विनोद माहेश्वरी ने उपस्थित समाज बंधुओं का गुलाल लगाकर स्वागत किया।

कार्यक्रम में पूर्व आईपीएस अधिकारी ए.पी. माहेश्वरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने “मिशन IAS 100” जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर चर्चा करते हुए समाज के युवाओं से आगे आने का आह्वान किया और समाज में फैली कुरीतियों पर भी चिंता जताई। हालांकि, कार्यक्रम में इन कुरीतियों को दूर करने के लिए किसी स्पष्ट रोडमैप या ठोस योजना का उल्लेख नहीं किया गया, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं कि क्या यह चर्चा केवल औपचारिक मंचीय वक्तव्यों तक ही सीमित रह गई।

कार्यक्रम में रंगारंग प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसमें शीलू श्रीवास्तव के नेतृत्व में धनक स्वदेशी बैंड ने प्रस्तुति दी। समाज के पदाधिकारियों ने आए हुए सदस्यों का चंदन का टीका लगाकर स्वागत किया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर विनोद माहेश्वरी, राधेश्याम जाजू, संजय काबरा, गोविंद भुराडिया, विनम्र माहेश्वरी, नितिन माहेश्वरी, आशीष माहेश्वरी, निखिल बलदुआ, पंकज तोशनीवाल, विजय प्रकाश असावा, निर्भय माहेश्वरी, गौरव बलदुआ और हनुमान लोया सहित समाज के कई सदस्य मौजूद रहे। महिला मंडल की ओर से किरण, मनीषा, मधु, आशा, आभा, मीना और सविता सहित कई महिलाएं भी शामिल हुईं।

कार्यक्रम में नव निर्वाचित महिला मंडल का स्वागत भी किया गया और मंच संचालन विनम्र माहेश्वरी ने किया। हालांकि समाज के भीतर एकजुटता और उत्साह का प्रदर्शन जरूर दिखाई दिया, लेकिन सामाजिक सुधार और युवाओं की वास्तविक भागीदारी को लेकर अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं।

कार्यक्रम का समापन ढोल-नगाड़ों और फूलों की होली के साथ हुआ, जिसके बाद सभी ने सामूहिक भोजन का आनंद लिया।

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