जोहान्सबर्ग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को G20 जोहान्सबर्ग समिट के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ हुई मुलाकात को “बहुत फायदेमंद” बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी और गुटेरेस की मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि इस बातचीत में वैश्विक मुद्दों और मल्टीलेटरलिज़्म पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ।
समिट से पहले इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी न्यूयॉर्क में गुटेरेस से मिले थे, जहां उन्होंने बदलते वैश्विक माहौल में मल्टीलेटरल व्यवस्था की प्रासंगिकता और चुनौतियों पर चर्चा की थी। जयशंकर ने गुटेरेस के वैश्विक हालात के विश्लेषण और विभिन्न क्षेत्रीय तनावों पर उनके दृष्टिकोण की भी सराहना की थी।
संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सेक्रेटरी जनरल ने भारत में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं पर संवेदना व्यक्त की थी, जिसमें उन्होंने 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके का जिक्र किया। PM मोदी और गुटेरेस की जोहान्सबर्ग मुलाकात भी इसी पृष्ठभूमि में हुई, जब प्रधानमंत्री समिट के उद्घाटन सत्र में शामिल हो रहे थे। यह G20 समिट में प्रधानमंत्री मोदी की 12वीं भागीदारी थी।
ओपनिंग सेशन का थीम था “इनक्लूसिव और सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ, जिसमें कोई पीछे न छूटे”, जहां PM मोदी ने भारत की सभ्यता पर आधारित इंटीग्रल ह्यूमैनिज़्म की अवधारणा को वैश्विक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विकास मॉडल ऐसा होना चाहिए जो पर्यावरण और प्रगति के बीच संतुलन स्थापित करे। प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली G20 समिट के दौरान लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों को आगे बढ़ाने का भी ज़िक्र किया।
उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में स्किल्ड माइग्रेशन, पर्यटन, खाद्य सुरक्षा, AI, डिजिटल इकॉनमी, इनोवेशन और महिला सशक्तिकरण में किए गए प्रयासों की सराहना की। PM मोदी ने ग्लोबल गवर्नेंस स्ट्रक्चर में ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व देने की भी वकालत की।
पहले सत्र में PM मोदी ने चार अहम प्रस्ताव रखे—
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G20 ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी
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G20–अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव
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G20 ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम
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ड्रग–टेरर नेक्सस के खिलाफ संयुक्त पहल





