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गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग को मुस्लिम संगठन का समर्थन

आल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने शंकराचार्य को सौंपा ज्ञापन


सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने की पहल

| निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डी.एफ. हिंदी

देश में सामाजिक सद्भाव और आपसी सम्मान को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। All India Muslim Majlis ने Avimukteshwaranand Saraswati, जो Jyotirmath के शंकराचार्य हैं, को ज्ञापन सौंपते हुए गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने और गौवंश के वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग का समर्थन किया है।

मजलिस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Wasi Ahmad ने अपने ज्ञापन में कहा कि भारत एक बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश है, जहां विभिन्न समुदायों की आस्थाओं का सम्मान करना हमारी साझा परंपरा और संवैधानिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सनातन धर्म में गाय को माता के समान पूजनीय माना जाता है और करोड़ों लोगों की उससे गहरी आस्था जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती इस बात से तय होती है कि वह दूसरे समुदायों की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का कितना सम्मान करता है। इसी भावना के साथ आल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने शंकराचार्य द्वारा गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को न्यायसंगत बताते हुए उसका समर्थन किया है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि विभिन्न समुदाय एक-दूसरे की आस्था के प्रति सम्मान प्रकट करें तो समाज में फैल रही नफरत, अविश्वास और वैमनस्य की राजनीति पर स्वाभाविक रूप से अंकुश लगेगा। यह पहल भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मजलिस का मानना है कि वर्तमान समय में देश को टकराव नहीं बल्कि संवाद, सम्मान और सह-अस्तित्व की आवश्यकता है। यदि इस तरह के मुद्दों पर सभी समुदाय सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे आएं, तो समाज में शांति और भाईचारे का माहौल और मजबूत होगा।

आल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से देश में आपसी विश्वास और सामाजिक सौहार्द को नई मजबूती मिलेगी तथा राष्ट्रीय एकता को भी बल मिलेगा।

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