खनन सेक्टर में बड़ी साझेदारी! एनएमडीसी और आईआईटी हैदराबाद मिलकर गढ़ेंगे ‘आत्मनिर्भर’ तकनीक का भविष्य
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डी.एफ. हिंदी

भारत के खनिज और धातु क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से एनएमडीसी लिमिटेड के अनुसंधान एवं विकास केंद्र ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद (आईआईटीएच) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह करार उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत तालमेल का प्रतीक है। दोनों संस्थान मिलकर लौह अयस्क बेनीफिशिएशन, एग्लोमेरेशन, हरित इस्पात निर्माण, वैकल्पिक लौह उत्पादन और उन्नत मॉडलिंग-सिमुलेशन तकनीकों पर शोध को बढ़ावा देंगे। साथ ही, महत्वपूर्ण और दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के उत्खनन में भी नए रास्ते तलाशे जाएंगे।
एनएमडीसी के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि यह गठजोड़ स्वदेशी तकनीक विकास और सतत खनन के विजन को मजबूती देगा।
माइनिंग 4.0 की ओर बड़ा कदम! एआई, ड्रोन और ऑटोमेशन पर होगा संयुक्त शोध
एनएमडीसी और आईआईटी हैदराबाद के बीच हुआ यह समझौता डिजिटल माइनिंग क्रांति की दिशा में अहम साबित हो सकता है। एमओयू के तहत स्वायत्त वाहन संचालन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण और माइनिंग 4.0 फ्रेमवर्क पर पायलट प्रोजेक्ट्स चलाए जाएंगे।
इस साझेदारी का उद्देश्य खनन प्रक्रियाओं को अधिक दक्ष, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की खनिज सुरक्षा को मजबूत करेगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाएगा।
यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब एनएमडीसी का आरएंडडी केंद्र अपने 50 वर्ष पूरे कर रहा है—जो शोध उत्कृष्टता की उसकी विरासत को दर्शाता है।



