Bandhan Bank पर ₹41.80 लाख का जुर्माना, KYC और नियमों की अनदेखी उजागर
डायरेक्टर से जुड़े लोन पर सवाल: अनुपालन में चूक से बैंक की साख पर असर, नियामक ने दिखाया कड़ा रुख

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
बैंकिंग सेक्टर में बढ़ती नियामकीय सख्ती के बीच Reserve Bank of India (RBI) ने Bandhan Bank Limited पर ₹41.80 लाख का मौद्रिक दंड लगाया है। यह कार्रवाई ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) दिशा-निर्देशों के उल्लंघन और बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धाराओं के तहत गंभीर अनुपालन कमियों के कारण की गई है।
RBI के मुताबिक, बैंक समय-समय पर खातों की जोखिम श्रेणी (रिस्क कैटेगरी) की समीक्षा करने में विफल रहा, जो KYC ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा, बैंक द्वारा निदेशकों से जुड़े लोन स्वीकृत किए जाने का मामला भी सामने आया, जो नियामकीय प्रावधानों के खिलाफ माना गया। इन दोनों बिंदुओं ने बैंक के आंतरिक नियंत्रण और गवर्नेंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह कार्रवाई RBI द्वारा 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर किए गए वैधानिक निरीक्षण के बाद सामने आई। निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के आधार पर बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, बैंक की ओर से दिए गए जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद भी RBI संतुष्ट नहीं हुआ और आरोपों को सही मानते हुए दंड लगाने का निर्णय लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक बैंक तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बैंकिंग सिस्टम के लिए चेतावनी है। KYC जैसे बुनियादी नियमों का पालन न करना न केवल वित्तीय जोखिम बढ़ाता है, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों के लिए रास्ता भी खोल सकता है। वहीं, निदेशकों से जुड़े लोन की स्वीकृति कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मानकों पर भी सवाल उठाती है।
हालांकि RBI ने स्पष्ट किया है कि यह दंड केवल नियामकीय कमियों के आधार पर लगाया गया है और इससे ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन की वैधता प्रभावित नहीं होगी। फिर भी, इस घटनाक्रम ने ग्राहकों के बीच चिंता और अविश्वास का माहौल पैदा किया है।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि बैंकिंग संस्थानों को पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त अनुपालन को प्राथमिकता देनी होगी। अन्यथा, नियामक की कड़ी कार्रवाई से बच पाना मुश्किल होगा।



