UP News: हाथरस के गिलौंदपुर गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पंजाबी सिंह ने दावा किया कि उसके पिता की हत्या 30 साल पहले उसकी मां और बड़े भाइयों ने मिलकर की थी। इस दावे के बाद पुलिस ने खुदाई कराई, जिसमें एक कंकाल बरामद हुआ। यह मामला उन सभी के लिए चौंकाने वाला है, जो इस मामले के विवरण से वाकिफ हुए।
पंजाबी सिंह का कहना है कि 1994 में, जब वह केवल 6 या 7 साल का था, तब उसके सामने उसके पिता बुद्ध सिंह की हत्या कर दी गई थी। उसने आरोप लगाया कि उस समय उसकी मां और दोनों बड़े भाइयों ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया था। पिछले दिनों अपने बड़े भाइयों से विवाद के दौरान, उसे धमकाया गया कि वह भी उसी जगह पहुंचा दिया जाएगा, जहां उसके पिता को दफनाया गया था। इसी धमकी ने उसकी पुरानी यादों को ताजा कर दिया और उसने घटना की जानकारी अधिकारियों को दी।
डीएम और पुलिस की कार्रवाई
पंजाबी सिंह ने जब यह बात जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को बताई, तो सभी हैरान रह गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत खुदाई के आदेश दिए। खुदाई उसी जगह की गई, जहां पंजाबी सिंह का कहना था कि उसके पिता का शव दफनाया गया था। खुदाई के दौरान पुलिस को एक कंकाल बरामद हुआ, जिसे पंजाबी सिंह ने अपने पिता का बताया।
मामले की सच्चाई और आगे की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाबी सिंह ने दावा किया कि जब उसके पिता की हत्या हो रही थी, तब वह खुद वहां मौजूद था। हालांकि, समय के साथ उसने इस घटना को भुला दिया था। अब, पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमॉर्टम के साथ-साथ डीएनए जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बुद्ध सिंह के चार बेटे थे, जिनमें पंजाबी सिंह सबसे छोटा था। यही वह बेटा है जिसने 30 साल पहले की इस भयावह घटना का खुलासा किया है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद क्या न्याय मिलता है और परिवार के सामने आ रहे आरोपों का क्या सत्य है। यह मामला न केवल कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाता है, बल्कि यह परिवारिक रंजिश और उसकी गहराई को भी उजागर करता है।