बहुजन समाज के सम्मान और अधिकारों पर BSP का जोर, सामाजिक न्याय की नई लड़ाई का आह्वान
अंबेडकर जयंती पर Mayawati का संदेश—संविधान के मूल उद्देश्य अब भी अधूरे

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष Mayawati ने B. R. Ambedkar की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश को एक मजबूत और प्रगतिशील संविधान मिलने के बावजूद, उसके मूल उद्देश्यों को अभी तक पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सका है।
मायावती ने कहा कि आज भी समाज में जातिवाद, भेदभाव और आर्थिक असमानता जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जिससे बहुजन समाज के करोड़ों लोग प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे वर्गों की संकीर्ण सोच और शोषणकारी नीतियों के कारण संविधान के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब B. R. Ambedkar का सपना था कि देश में समानता, सम्मान और न्याय आधारित समाज स्थापित हो, लेकिन वर्तमान हालात इस दिशा में गंभीर चुनौतियां दर्शाते हैं।

बीएसपी प्रमुख ने इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ स्थित अंबेडकर स्मारक में पुष्पांजलि अर्पित की और बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज की सुरक्षा, सम्मान और विकास का मूल्यांकन केवल जयंती के अवसर पर ही नहीं, बल्कि निरंतर होना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक सामाजिक और आर्थिक समानता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक संविधान की भावना अधूरी ही रहेगी।
मायावती ने अपने संदेश में बहुजन समाज से एकजुट होकर सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।



