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	<title>राष्ट्रीय - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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	<title>राष्ट्रीय - Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</title>
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		<title>गन्ना माफियाओं पर डिजिटल शिकंजा</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/digital-crackdown-on-fake-sugarcane-records1/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 12:58:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[#Sugarcane #SmartGannaKisan #DigitalAgriculture #FarmerFirst #UPGovernment #APITechnology #SugarcaneSurvey #AnytimeNewsNetwork]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गन्ना माफियाओं पर डिजिटल शिकंजा पारदर्शिता की नई इबारत निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क उत्तर प्रदेश में गन्ना सर्वेक्षण और सट्टा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब स्मार्ट गन्ना किसान (SGK) पोर्टल पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल का मिलान भू-राजस्व अभिलेखों से एपीआई &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h2 class="wp-block-heading"><strong>गन्ना माफियाओं पर डिजिटल शिकंजा</strong></h2>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पारदर्शिता की नई इबारत</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph"> निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश में गन्ना सर्वेक्षण और सट्टा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब <strong>स्मार्ट गन्ना किसान (SGK) पोर्टल</strong> पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल का मिलान <strong>भू-राजस्व अभिलेखों</strong> से एपीआई (API) आधारित तकनीक के माध्यम से किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी गन्ना क्षेत्रफल, गलत प्रविष्टियों और तथाकथित गन्ना माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>तकनीक करेगी सच की पहचान</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">गन्ना आयुक्त के निर्देश पर अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर और देवरिया परिक्षेत्र के अधिकारियों एवं फील्ड कार्मिकों के लिए वर्चुअल प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी, गन्ना विकास निरीक्षक, सचिव एवं पर्यवेक्षकों को डिजिटल मैपिंग, डाटा सत्यापन और समयबद्ध क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पहले चरण में बड़े रकबे की जांच</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">विशेष अभियान के प्रथम चरण में <strong>एक हेक्टेयर से अधिक गन्ना क्षेत्रफल</strong> वाले किसानों के डाटा का सत्यापन किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बड़े क्षेत्रफल के नाम पर की जाने वाली फर्जी प्रविष्टियों पर रोक लगेगी और वास्तविक किसानों को ही योजनाओं एवं गन्ना आपूर्ति का लाभ मिलेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>63 बिंदुओं पर किसानों को मिलेगी जानकारी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">अभियान के दौरान किसानों को गन्ना सर्वे एवं सट्टा से जुड़े <strong>63 महत्वपूर्ण बिंदुओं</strong> की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी किसान को सर्वेक्षण या सट्टा संबंधी कोई आपत्ति होगी, तो उसका <strong>मौके पर ही निस्तारण</strong> सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसानों को विभागीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>जनप्रतिनिधियों का भी मिलेगा सहयोग</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">गन्ना विकास विभाग ने इस अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने के लिए सहकारी गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों एवं जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने का निर्णय लिया है। विभाग का विश्वास है कि राजस्व अभिलेखों और एसजीके पोर्टल के तकनीकी समन्वय से गन्ना सर्वेक्षण व्यवस्था अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डिजिटल खेती की ओर निर्णायक कदम</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">नई व्यवस्था केवल डाटा सत्यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा, समयबद्ध भुगतान व्यवस्था और पारदर्शी गन्ना प्रबंधन प्रणाली की मजबूत नींव रखने वाली ऐतिहासिक पहल साबित होगी।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/digital-crackdown-on-fake-sugarcane-records1/">गन्ना माफियाओं पर डिजिटल शिकंजा</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रेल की रफ्तार, हरित भविष्य की पुकार</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/indias-hydrogen-train-powers-a-new-era-of-green-rail-transport/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 09:08:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[#HydrogenTrain #IndianRailways #GreenHydrogen #ZeroEmission #CleanEnergy #MakeInIndia #SustainableTransport #HydrogenFuelCell #NischayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क भारतीय रेल ने स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसने देश को हरित तकनीक की वैश्विक दौड़ में नई पहचान दिलाई है। भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन ने जींद–सोनीपत रेलखंड पर 1,200 किलोमीटर से अधिक की सफल यात्रा पूरी करते हुए 3,200 &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p class="wp-block-paragraph">निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क</p>



<h2 class="wp-block-heading"> भारतीय रेल ने स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसने देश को हरित तकनीक की वैश्विक दौड़ में नई पहचान दिलाई है। <strong>भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन</strong> ने जींद–सोनीपत रेलखंड पर 1,200 किलोमीटर से अधिक की सफल यात्रा पूरी करते हुए 3,200 लीटर से अधिक डीज़ल की बचत की है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इस ट्रेन से धुएँ या कार्बन का उत्सर्जन नहीं होता, बल्कि इसके संचालन के दौरान केवल <strong>जलवाष्प (Water Vapour)</strong> निकलती है।</h2>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>हरित ऊर्जा का नया अध्याय</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">17 जुलाई 2026 को हरी झंडी मिलने के बाद से यह परियोजना भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमता और हरित ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन चुकी है। यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रिया से स्वयं बिजली उत्पन्न करती है, जिससे बाहरी प्रदूषण लगभग शून्य हो जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पूरी तरह स्वदेशी तकनीक</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">भारतीय रेल के नेतृत्व में विकसित इस 10-कोच ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार हैं, जो संयुक्त रूप से <strong>2,400 किलोवाट</strong> शक्ति उत्पन्न करती हैं। आधुनिक लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियाँ और उच्च क्षमता वाले हाइड्रोजन सिलेंडर इसे विश्वस्तरीय तकनीक से लैस बनाते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>जींद बना हाइड्रोजन हब</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस परियोजना के तहत जींद में भारतीय रेल की पहली समर्पित हाइड्रोजन भंडारण एवं रीफ्यूलिंग सुविधा स्थापित की गई है। यहां 500 बार दबाव पर ग्रीन हाइड्रोजन का भंडारण तथा 350 बार दबाव पर ईंधन भरने की व्यवस्था है। लगभग <strong>3,000 किलोग्राम</strong> भंडारण क्षमता वाली यह सुविधा भविष्य के हरित रेल नेटवर्क की आधारशिला मानी जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">हाइड्रोजन रिसाव, आग, धुएँ और तापमान की निगरानी के लिए अत्याधुनिक सेंसर, स्वचालित शट-ऑफ सिस्टम, निरंतर वेंटिलेशन तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप परीक्षण इस परियोजना को अत्यंत सुरक्षित बनाते हैं। जल्द ही इसका परीक्षण दिल्ली मार्ग पर भी किया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>&#8216;विकसित भारत&#8217; की हरित पटरी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">हाइड्रोजन ट्रेन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के स्वदेशी नवाचार, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और शून्य-उत्सर्जन परिवहन की दिशा में निर्णायक कदम है। यह परियोजना भारतीय रेल को भविष्य की स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था का वैश्विक मॉडल बनाने की मजबूत नींव रखती है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/indias-hydrogen-train-powers-a-new-era-of-green-rail-transport/">रेल की रफ्तार, हरित भविष्य की पुकार</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कर व्यवस्था में जवाबदेही का नया अध्याय</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/india-charts-a-new-course-for-responsive-tax-governance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 06:45:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[#IncomeTaxDay #NirmalaSitharaman #CBDT #IncomeTaxAct2025 #TaxReforms #PAN20 #DigitalTax #TaxpayerFirst #EaseOfDoingBusiness #NischayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क भारत की कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और करदाता-केंद्रित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा संदेश दिया है। 167वें आयकर दिवस के अवसर पर केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने &#8216;रिस्पॉन्सिव टैक्स गवर्नेंस&#8217; के 5R मॉडल—पहचानना (Recognise), प्रतिक्रिया देना (Respond), समाधान करना (Resolve), विचार &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p class="wp-block-paragraph"><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"> भारत की कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और करदाता-केंद्रित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा संदेश दिया है। <strong>167वें आयकर दिवस</strong> के अवसर पर केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री <strong>श्रीमती निर्मला सीतारमण</strong> ने &#8216;रिस्पॉन्सिव टैक्स गवर्नेंस&#8217; के <strong>5R मॉडल</strong>—<strong>पहचानना (Recognise), प्रतिक्रिया देना (Respond), समाधान करना (Resolve), विचार करना (Reflect) और सुधार करना (Reform)</strong>—को भविष्य की कर व्यवस्था का आधार बताते हुए कानूनी विवादों को कम करने और टैक्स संबंधी निश्चितता बढ़ाने पर जोर दिया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>करदाता नहीं, विकास के भागीदार</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग की भूमिका अब केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश के आर्थिक विकास में साझेदार करदाताओं का भरोसा जीतने वाली संस्था के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईमानदार करदाताओं को सुविधा मिले, अनजाने में हुई त्रुटियों को सुधारने का अवसर मिले और कर प्रशासन संवेदनशील एवं पारदर्शी बने।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आयकर अधिनियम-2025 बना बड़ा सुधार</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">श्रीमती सीतारमण ने <strong>आयकर अधिनियम, 2025</strong> को ऐतिहासिक सुधार बताते हुए कहा कि इससे कानून सरल हुआ है, अनुपालन लागत कम हुई है और कारोबार करने में आसानी को नई मजबूती मिली है। उन्होंने तेज रिटर्न प्रोसेसिंग, शीघ्र रिफंड और शिकायत निवारण में हुई प्रगति को भी उल्लेखनीय बताया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डिजिटल टैक्स सिस्टम को नई उड़ान</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">सीबीडीटी ने <strong>PAN 2.0, ITBA 2.0, IEC 3.0, कर साथी और सक्षम नज</strong> जैसी डिजिटल पहलों के माध्यम से तकनीक आधारित कर प्रशासन को नई दिशा दी है। विभाग ने डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल एसेट्स और अंतरराष्ट्रीय कराधान जैसे क्षेत्रों में क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>विवाद कम, विश्वास ज्यादा</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">राजस्व सचिव <strong>अरविंद श्रीवास्तव</strong> ने कहा कि नए नियम और सरल फॉर्म करदाताओं के लिए अधिक सहज व्यवस्था तैयार करेंगे। वहीं, सीबीडीटी अध्यक्ष <strong>रवि अग्रवाल</strong> ने बताया कि अपीलों के त्वरित निपटारे, एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट, तेज रिफंड और शिकायत समाधान के कारण कर व्यवस्था में भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>छह प्रकाशनों से वैश्विक नेतृत्व का संदेश</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">समारोह के दौरान वित्त मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कराधान, क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग, सूचना आदान-प्रदान, एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट और डिजिटल टैक्स प्रशासन से जुड़े <strong>छह महत्वपूर्ण प्रकाशनों</strong> का विमोचन किया। यह भारत की आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित और वैश्विक मानकों पर आधारित कर व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/india-charts-a-new-course-for-responsive-tax-governance/">कर व्यवस्था में जवाबदेही का नया अध्याय</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत ने जेट इंजन तकनीक में रचा नया इतिहास</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 11:22:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[तकनीक]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[#DRDO #GTRE #MadeInIndia #JetEngine #DefenceTechnology #AatmanirbharBharat #Aerospace #AzadEngineering #IndigenousTechnology #NischayTimes]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्करक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देते हुए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। डीआरडीओ की गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (GTRE) द्वारा डिज़ाइन किया गया 350 किलोग्राम थ्रस्ट क्लास का पहला स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बो जेट इंजन सफलतापूर्वक विकसित कर लिया गया &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/">भारत ने जेट इंजन तकनीक में रचा नया इतिहास</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="wp-block-paragraph"><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</strong><br>रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देते हुए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। डीआरडीओ की <strong>गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (GTRE)</strong> द्वारा डिज़ाइन किया गया <strong>350 किलोग्राम थ्रस्ट क्लास का पहला स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बो जेट इंजन</strong> सफलतापूर्वक विकसित कर लिया गया है। यह उपलब्धि भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में और मजबूती से स्थापित करती है, जिनके पास अत्याधुनिक जेट इंजन तकनीक विकसित करने की क्षमता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>&#8216;मेक इन इंडिया&#8217; को मिली नई उड़ान</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस अत्याधुनिक इंजन के निर्माण और असेंबली के लिए <strong>हैदराबाद स्थित आजाद इंजीनियरिंग</strong> को उद्योग भागीदार चुना गया था। 22 जुलाई 2026 को कंपनी ने इंजन का सफल निर्माण पूरा कर इसे जीटीआरई को सौंप दिया। यह केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी का जीवंत उदाहरण भी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सटीक इंजीनियरिंग की मिसाल</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">जेट इंजन तकनीक को दुनिया की सबसे जटिल और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों में गिना जाता है। इसमें उच्च स्तरीय धातुकर्म, माइक्रोन स्तर की सटीकता और कठोर विनिर्माण मानकों की आवश्यकता होती है। डीआरडीओ की डिजाइन क्षमता और भारतीय उद्योग की विनिर्माण दक्षता ने मिलकर यह साबित कर दिया है कि भारत अब उच्च तकनीक रक्षा प्रणालियों के विकास में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रक्षा उद्योग को मिलेगा नया बल</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आजाद इंजीनियरिंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी <strong>राकेश चोपदार</strong> ने यह इंजन डीआरडीओ की महानिदेशक (एरोनॉटिकल सिस्टम्स) <strong>डॉ. के. राजलक्ष्मी मेनन</strong> तथा जीटीआरई के निदेशक <strong>डॉ. एस. वी. रमणमूर्ति</strong> को औपचारिक रूप से सौंपा। इस अवसर ने रक्षा अनुसंधान और निजी उद्योग के सफल समन्वय को नई पहचान दी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रक्षा सचिव ने सराहा स्वदेशी नवाचार</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष <strong>राजेश कुमार सिंह</strong> ने इस उपलब्धि को भारत की रक्षा तकनीकी क्षमता का महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि जीटीआरई और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफलता तक पहुंचाया है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत, आधुनिक रक्षा विनिर्माण और भविष्य की स्वदेशी एयरोस्पेस तकनीकों के विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/">भारत ने जेट इंजन तकनीक में रचा नया इतिहास</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बड़ी राहत: क्रेडिट गारंटी सीमा बढ़कर ₹10 करोड़, आरबीआई का बिना गारंटी ₹20 लाख तक ऋण का आदेश</title>
		<link>https://nishchaytimes.com/india-strengthens-credit-backbone-for-msmes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nishchay Times]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:23:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[#MSME #CGTMSE #CreditGuarantee #CollateralFreeLoan #FinancialInclusion #SIDBI #StartupIndia #WomenEntrepreneurs #MSMELoans]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://nishchaytimes.com/?p=36049</guid>

					<description><![CDATA[<p>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क देश के औद्योगिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने तथा प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में जानकारी दी कि सरकार &#8216;क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/india-strengthens-credit-backbone-for-msmes/">सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बड़ी राहत: क्रेडिट गारंटी सीमा बढ़कर ₹10 करोड़, आरबीआई का बिना गारंटी ₹20 लाख तक ऋण का आदेश</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="wp-block-paragraph"><strong>निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क</strong> </p>



<p class="wp-block-paragraph"> देश के औद्योगिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने तथा प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में जानकारी दी कि सरकार &#8216;क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज&#8217; (CGTMSE) के माध्यम से सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs) को बिना किसी संपार्श्विक (Collateral) सुरक्षा या थर्ड-पार्टी गारंटी के ऋण उपलब्ध करा रही है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>गारंटी सीमा में दोगुना इजाफा और शुल्क में कटौती</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">देश में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्रेडिट गारंटी योजना (CGS) के तहत अधिकतम ऋण गारंटी सीमा को 1 अप्रैल 2025 से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये से सीधे 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, उद्यमियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए वार्षिक गारंटी शुल्क (AGF) की मानक दरों में 50% की भारी कटौती करते हुए इसे मात्र 0.37% प्रति वर्ष कर दिया गया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>₹20 लाख तक के ऋण पर कोई संपार्श्विक सुरक्षा नहीं</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 9 फरवरी 2026 को जारी मुख्य निर्देशों के अनुसार, सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे MSME क्षेत्र की इकाइयों को 20 लाख रुपये तक के ऋण पर किसी भी प्रकार की संपार्श्विक सुरक्षा (Collateral) स्वीकार न करें।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>विशेष श्रेणियों और पिछड़े क्षेत्रों पर ध्यान</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">महिला उद्यमियों, विशेष वर्ग और क्रेडिट अपुष्ट जिलों (ICDD) के लिए अतिरिक्त 5% गारंटी कवरेज तथा गारंटी शुल्क में 10% की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। वहीं तमिलनाडु में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु &#8216;तमिलनाडु क्रेडिट गारंटी योजना (TNCGS)&#8217; शुरू की गई है।</p><p>The post <a href="https://nishchaytimes.com/india-strengthens-credit-backbone-for-msmes/">सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बड़ी राहत: क्रेडिट गारंटी सीमा बढ़कर ₹10 करोड़, आरबीआई का बिना गारंटी ₹20 लाख तक ऋण का आदेश</a> first appeared on <a href="https://nishchaytimes.com">Nishchay Times | निश्चय टाइम्स</a>.</p>]]></content:encoded>
					
		
		
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