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अतीत और भविष्य को लेकर कई सवाल हैं: CJI चंद्रचूड़ का रिटायरमेंट से पहले भावुक बयान

मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने बुधवार (9 अक्टूबर, 2024) को भूटान के जेएसडब्ल्यू लॉ स्कूल के कोनवोकेशन सेरेमनी में अपने कार्यकाल और रिटायरमेंट पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अपने दो साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है, लेकिन रिटायरमेंट की घड़ी करीब आते ही उनके मन में कई सवाल गहराने लगे हैं।
रिटायरमेंट का वक्त और चिंताएं
सीजेआई चंद्रचूड़ ने इस दौरान अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, “जैसे-जैसे रिटायरमेंट का वक्त नजदीक आ रहा है, मेरे मन में भूतकाल और भविष्य को लेकर कई सवाल हैं। मैं सोचता हूं कि क्या मैंने वह हासिल किया जो मैं करना चाहता था? भविष्य के जजों और वकीलों के लिए मैं क्या विरासत छोड़कर जा रहा हूं?”
उन्होंने आगे कहा, “इन सवालों के जवाब मेरे नियंत्रण में नहीं हैं, और शायद कुछ का जवाब कभी नहीं मिलेगा।”
ईमानदारी और समर्पण का प्रमाण
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया। “मैं रोज सुबह उठकर खुद से वादा करता हूं कि अपने काम में पूरा योगदान दूंगा और रात को संतोष के साथ सोता हूं कि मैंने देश की सेवा की है,” उन्होंने बताया।
बचपन से बदलाव लाने की चाह
जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा कि उनमें हमेशा से दुनिया में बदलाव लाने का जोश था। उन्होंने बताया कि वे कई घंटों तक काम करने में विश्वास रखते थे और किसी प्रोजेक्ट पर काम करते समय पूरी तरह से समर्पित हो जाते थे। “जब हम किसी प्रोजेक्ट पर काम करते हैं, तो हम उस जर्नी का आनंद नहीं ले पाते, क्योंकि हमारे दिमाग में फेल होने का डर होता है,” उन्होंने कहा।
पर्सनल ग्रोथ का महत्व
सीजेआई ने यह भी बताया कि पर्सनल ग्रोथ के लिए इन डर का सामना करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “इन डर को दूर करना किसी के लिए आसान नहीं है, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने डर का सामना करें और आगे बढ़ें।”
मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ के इस भावुक बयान ने उनके कार्यकाल को लेकर चिंताओं और विचारों को स्पष्ट किया। उनके द्वारा किए गए कार्यों और उनके समर्पण की प्रशंसा की गई है, और अब यह देखना होगा कि उनकी विरासत किस प्रकार आने वाले जजों और वकीलों को प्रेरित करेगी।

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