बहराइच में सीरत वेलफेयर कमेटी की आपात बैठक, अयातुल्लाह अली खामनेई को श्रद्धांजलि
मुस्लिम संगठनों की खामोशी पर नाराजगी, शांति और फिलिस्तीन के समर्थन की याद दिलाई

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डी एफ हिंदी
Bahraich में सामाजिक संगठन Seerat Welfare Committee की एक आपात बैठक आयोजित कर Ali Khamenei के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। यह बैठक शहर के मोहल्ला काजीपुरा स्थित मिल्ली कॉम्प्लेक्स सभागार में संगठन के उपाध्यक्ष मिर्जा शकील बेग की अध्यक्षता और ईदगाह के मुतवल्ली इशरत महमूद खान की सरपरस्ती में हुई।
बैठक की शुरुआत मौलाना शाहिद अख्तर द्वारा कुरान पाठ से की गई। इसके बाद वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए खामनेई के जीवन और उनके राजनीतिक व धार्मिक नेतृत्व को याद किया। वक्ताओं का कहना था कि Iran के सुप्रीम लीडर रहे खामनेई ने वैश्विक राजनीति में कई बार कथित रूप से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर मजबूत रुख अपनाया।
मुतवल्ली इशरत महमूद खान ने कहा कि खामनेई का जीवन संघर्ष और प्रतिरोध का प्रतीक रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक शक्तियों और विशेष रूप से Israel की नीतियों के खिलाफ उनका रुख हमेशा स्पष्ट रहा, जिसके कारण वे मुस्लिम जगत में एक मजबूत आवाज के रूप में देखे जाते थे।
मौलाना अकील उल्लाह शाहिद नदवी ने कहा कि खामनेई ने दबाव के सामने झुकने के बजाय अपने विचारों पर डटे रहकर दुनिया को संदेश दिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मिर्जा शकील बेग ने कहा कि उनकी मौत की खबर से मुस्लिम समाज ही नहीं बल्कि कई मानवतावादी संगठनों में भी शोक की लहर है।
संगठन के सचिव शादाब हुसैन ने कहा कि खामनेई के निधन पर वैश्विक प्रतिक्रिया को देखते हुए कई मुस्लिम संगठनों की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शक्तिशाली देशों की भूमिका पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।
बैठक के अंत में भारत सरकार की विदेश नीति और कुछ धार्मिक संगठनों की चुप्पी पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन मौलाना शाहिद अख्तर चांद की दुआ के साथ हुआ।



