
पटना। बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में महागठबंधन ने मंगलवार को ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव, सीपीआई नेता डी. राजा, भाकपा माले के दीपांकर भट्टाचार्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम जैसे कई दिग्गज नेता शामिल हुए। राहुल गांधी का यह पहला मौका है जब वे किसी विरोध प्रदर्शन में भाग लेने बिहार पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पटना को जोड़ने वाला महात्मा गांधी सेतु पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग अपने कंधों पर सामान लेकर पैदल ही स्टेशन और एयरपोर्ट की ओर बढ़ते नजर आए।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा, “चुनाव आयोग अब एक राजनीतिक दल का हिस्सा बन चुका है। गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। यह लोकतंत्र पर हमला है।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुजरात से बैठे लोग तय करेंगे कि बिहार में कौन वोट देगा और कौन नहीं?

कांग्रेस कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर लेटे
कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर लेट गए और सड़कों पर टायर जलाकर जाम लगा दिया। पटना के सचिवालय हॉल्ट, बिहिया और दरभंगा रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को रोका गया। नमो भारत ट्रेन और श्रमजीवी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर असर पड़ा। प्रदर्शन के कारण जरूरी सेवाएं भी बाधित हुईं।
राजेश राम बोले- ‘वोट पर हमला हो रहा है’
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, “वोटर लिस्ट से नाम काटना वोटबंदी जैसा है। यह लोकतंत्र की हत्या की ओर बढ़ता कदम है। राहुल गांधी हमेशा संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़े रहते हैं।”

पप्पू यादव भी पहुंचे ट्रैक पर
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी आंदोलन में हिस्सा लेते हुए पटना में रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किया। बिहार बंद ने राज्य भर में जबरदस्त असर डाला है। महागठबंधन ने साफ किया कि वे 2025 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में छेड़छाड़ नहीं होने देंगे और इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर लड़ेंगे।



