विजन 2047 के अनुरूप बॉयलर उद्योग में बड़े सुधार की तैयारी
डीपीआईआईटी-एनपीसी का ‘बॉयलर पर चिंतन शिविर’, नवोन्मेष और सुगमता पर फोकस

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | हैदराबाद | 19 फरवरी 2026
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) ने National Productivity Council के सहयोग से हैदराबाद में ‘बॉयलर पर चिंतन शिविर’ का आयोजन किया। इसका उद्देश्य बॉयलर उद्योग में नवोन्मेष को बढ़ावा देना, नीतियों के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और रणनीतियों को ‘विजन 2047’ के दीर्घकालिक राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बनाना था।
चिंतन शिविर में राज्य सरकारों, बॉयलर निर्माताओं, उपयोगकर्ताओं, तृतीय-पक्ष निरीक्षण प्राधिकरणों (टीपीआईए) और अन्य प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु बॉयलर उद्योग के लिए एक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक नियामकीय ढांचा तैयार करना रहा।
प्रतिभागियों को अवगत कराया गया कि संविधान-पूर्व कानून रहे बॉयलर अधिनियम, 1923 की समीक्षा कर इसे अद्यतन रूप में Boiler Act, 2025 के रूप में पुनः अधिनियमित किया गया है, जो 1 मई 2025 से प्रभावी है। चूंकि यह कानून जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसके प्रावधानों को आधुनिक संदर्भ में सुदृढ़ किया गया है।
तकनीकी सत्रों में बॉयलर अधिनियम, 2025 के नियमों, व्यापार सुगमता, तृतीय-पक्ष निरीक्षण की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने पुराने बॉयलरों के शेष जीवन आकलन, उन्नत प्रौद्योगिकी के उपयोग और सुपरक्रिटिकल बॉयलरों की स्थापना से जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित पैनल चर्चा और खुली बातचीत में उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना नियमों को युक्तिसंगत बनाया जा सके और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिले।



