उत्तर प्रदेश

कानपुर बनेगा एरोनॉटिक्स का हब, पीएम-सेतु के तहत भारत-फ्रांस का मेगा ऐलान

मोदी-मैक्रों साझेदारी से युवाओं को मिलेगा ग्लोबल स्किल प्लेटफॉर्म

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | कानपुर/नई दिल्ली

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कानपुर को देश के एरोनॉटिक्स और रक्षा कौशल मानचित्र पर नई ऊंचाई देने वाला बड़ा ऐलान किया है। पीएम-सेतु योजना के तहत फ्रांस सरकार के सहयोग से कानपुर स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) में भारत-फ्रांस राष्ट्रीय विमानन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान की।

भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के शुभारंभ के मौके पर किया गया यह ऐलान देश के युवाओं के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र एरोनॉटिक्स के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO), हवाई अड्डा संचालन, रक्षा विनिर्माण और संबंधित अत्याधुनिक क्षेत्रों में हाई-एंड स्किल ट्रेनिंग देगा। इसे विश्व स्तरीय संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा, जो भारत के तेजी से बढ़ते एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम को मजबूती देगा।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Jayant Chaudhary ने इसे प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पीएम-सेतु योजना भारत के आईटीआई इको-सिस्टम को नया रूप दे रही है और यह केंद्र वैश्विक स्तर के विमानन पेशेवरों की नई पीढ़ी तैयार करेगा। साथ ही, यह पहल फ्रांस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देगी।

इस केंद्र के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और फ्रांस सरकार के बीच आशय पत्र (LoI) का आदान-प्रदान किया गया है। संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे, प्रशिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेंगे, नियमित संयुक्त समीक्षा होगी, भाषा प्रशिक्षण और इंटरनेशनल मोबिलिटी पाथवे विकसित किए जाएंगे। एरोनॉटिक्स, अंतरिक्ष और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की रूपरेखा भी तय की गई है।

60,000 करोड़ रुपये की लागत वाली पीएम-सेतु योजना के तहत देशभर में 1000 आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा। कानपुर के अलावा लुधियाना, हैदराबाद, चेन्नई और भुवनेश्वर में भी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना है, जो क्षेत्रीय औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप उभरती तकनीकों और हाई-ग्रोथ सेक्टर्स पर फोकस करेंगे।

भारत-फ्रांस राष्ट्रीय विमानन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना विकसित भारत 2047 के विजन की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। यह पहल न केवल युवाओं को ग्लोबल स्किल स्टैंडर्ड से जोड़ेगी, बल्कि भारत को विमानन और रक्षा कौशल के क्षेत्र में विश्व मानचित्र पर अग्रणी बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगी

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