पर्यावरण

‘हिम-कनेक्ट’ से हिमालयी नवाचार को नई उड़ान! भूपेंद्र यादव ने डब्ल्यूएसडीएस 2026 का किया शुभारंभ

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डी.एफ. हिंदी

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान The Energy and Resources Institute (टीईआरआई) के विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2026 (WSDS) के रजत जयंती संस्करण और एमओईएफसीसी के ‘हिम-कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया।

‘हिम-कनेक्ट’ को एक संरचित मंच के रूप में विकसित किया गया है, जो राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन (NMHS) के अंतर्गत समर्थित शोध को व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले समाधानों में बदलने का काम करेगा। यह मंच हिमालयी क्षेत्र के शोधकर्ताओं को स्टार्ट-अप, उद्योग जगत, निवेशकों और नीति-निर्माताओं से जोड़कर विज्ञान और समाज के बीच एक सेतु का निर्माण करेगा।

अपने संबोधन में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दुनिया 1.5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान वृद्धि सीमित करने के लक्ष्य की दिशा में पर्याप्त प्रगति नहीं कर रही है। उत्सर्जन में कटौती और अनुकूलन वित्त दोनों ही स्तरों पर वैश्विक प्रयास अपर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु चुनौती विज्ञान की नहीं, बल्कि पैमाने और गति की है।

श्री यादव ने भारत के विज़न को रेखांकित करते हुए 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, 2005 के स्तर से उत्सर्जन तीव्रता में 45% कमी और 2070 तक नेट-ज़ीरो लक्ष्य की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जोर दिया कि परिवर्तन केवल नीतिगत नहीं, बल्कि संरचनात्मक होना चाहिए—ऊर्जा प्रणालियों, आर्थिक मॉडलों और उपभोग के पैटर्न में व्यापक बदलाव जरूरी है।

कार्यक्रम में गुयाना के उपराष्ट्रपति Bharat Jagdeo, टीईआरआई की महानिदेशक डॉ. विभा धवन और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

यह शिखर सम्मेलन न केवल वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को मजबूती देता है, बल्कि भारत की सतत विकास प्रतिबद्धता को भी वैश्विक मंच पर स्थापित करता है।

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