राष्ट्रीय

BI की बड़ी कार्रवाई: 36 एनबीएफसी के लाइसेंस रद्द

वित्तीय नियमों के उल्लंघन पर कड़ा कदम, कई कंपनियों का कारोबार ठप

निवेशकों में बढ़ी चिंता, वित्तीय क्षेत्र में निगरानी पर उठे सवाल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क, डीएफ हिंदी

देश के वित्तीय क्षेत्र में एक बड़े कदम के तहत Reserve Bank of India (आरबीआई) ने 36 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के पंजीकरण प्रमाणपत्र (Certificate of Registration) रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई Reserve Bank of India Act, 1934 की धारा 45-IA(6) के तहत की गई है।

आरबीआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन कंपनियों के लाइसेंस रद्द होने के बाद अब वे गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान के रूप में कोई भी वित्तीय कारोबार नहीं कर सकेंगी। इस कार्रवाई के बाद वित्तीय बाजार में हलचल देखी जा रही है और कई निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।

जिन कंपनियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें प्रमुख रूप से कोलकाता और पूर्वी भारत में पंजीकृत कई एनबीएफसी शामिल हैं। इनमें Excellence Broking & Finance Pvt. Ltd., Jibralter Traders Ltd, Nilima Enterprises Pvt. Ltd., Welplan Distributors Pvt. Ltd. और Westport Export Pvt. Ltd. जैसी कंपनियों के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा कई अन्य कंपनियों के लाइसेंस भी फरवरी 2026 के दौरान अलग-अलग तारीखों में रद्द किए गए हैं।

हालांकि आरबीआई ने इन कंपनियों के खिलाफ विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताए, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम नियामकीय मानकों के पालन में गंभीर अनियमितताओं के चलते उठाया गया हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी एनबीएफसी के संचालन में पारदर्शिता की कमी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो केंद्रीय बैंक को कठोर कार्रवाई करनी पड़ती है।

इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इतने बड़े पैमाने पर कंपनियों के लाइसेंस रद्द होने के पीछे निगरानी व्यवस्था में पहले से मौजूद कमियों को क्यों समय रहते नहीं पकड़ा जा सका। निवेशकों और ग्राहकों के लिए भी यह स्थिति असमंजस पैदा कर सकती है, खासकर उन मामलों में जहां इन कंपनियों के साथ वित्तीय लेनदेन पहले से चल रहे हों।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट होता है कि एनबीएफसी सेक्टर में नियामकीय निगरानी और पारदर्शिता की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है

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