उत्तर प्रदेश

एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और स्मार्ट सिटी से बदलेगा उत्तर प्रदेश का भविष्य

यूपी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में विकास का ब्लूप्रिंट तैयार

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | #UPInfrastructure #Lucknow #UrbanDevelopment

लखनऊ में आयोजित Confederation of Indian Industry उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव 2026 ने राज्य के समग्र विकास को लेकर एक मजबूत विजन पेश किया। Lucknow Development Authority और Indian Green Building Council के सहयोग से आयोजित इस पहले संस्करण में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और विषय विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश के भविष्य की विकास रणनीति पर व्यापक चर्चा की।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित आईएएस अधिकारी बलकार सिंह ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन का विकास प्रदेश की आर्थिक प्रगति की कुंजी है। उन्होंने लखनऊ को एकीकृत क्षेत्रीय इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आसपास के जिलों को ग्रोथ सेंटर के रूप में तैयार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर केवल विस्तार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्थायित्व और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है।

वहीं Christoph Schnellmann ने Noida International Airport को क्षेत्रीय विकास का गेमचेंजर बताते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट वैश्विक कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देगा। उन्होंने इसे एक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

शशांक चौधरी ने UP Expressways Industrial Development Authority की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है। इससे न केवल कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है, बल्कि नए औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल हब विकसित किए जा रहे हैं, जो रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे।

सत्र को संबोधित करते हुए वंदना सहगल ने किफायती आवास क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने लखनऊ के लाइट हाउस प्रोजेक्ट और हैबिटेट फोरम जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब फोकस केवल सस्ते घर बनाने पर नहीं, बल्कि टिकाऊ, सामुदायिक और गुणवत्ता युक्त आवास तैयार करने पर है।

रियल एस्टेट सेक्टर पर बोलते हुए अंजनी कुमार पांडेय ने अयोध्या को उभरते हुए प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के चलते अयोध्या में होटल, रिटेल और आवासीय क्षेत्रों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

इसके अलावा गौरव गुप्ता ने कहा कि रियल एस्टेट अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण इंजन बन चुका है, जो रोजगार और शहरी विकास दोनों को गति दे रहा है। उन्होंने सरकार की नई बिल्डिंग बायलॉज की सराहना करते हुए इसे विकास उन्मुख कदम बताया और सरकार-उद्योग के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।

कॉन्क्लेव में 150 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी रही, जिसमें बिल्डर, डेवलपर्स और उद्योग जगत के प्रमुख लोग शामिल हुए। यह आयोजन उत्तर प्रदेश को एक आधुनिक, टिकाऊ और निवेश के अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।

Related Articles

Back to top button