लखनऊ में मोबाइल-इंटरनेट की पहली दस्तक सूचना विभाग से, स्वर्णिम इतिहास का हुआ गौरवगान
सूचना निदेशक पद की ताकत का खुलासा—सरकार की छवि गढ़ने में अहम भूमिका, दिग्गजों ने साझा किए अनुभव

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
लखनऊ में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन सूचना भवन ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर “रिटायर्ड इन्फॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन” द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी Rohit Nandan और पूर्व चुनाव आयुक्त Anup Chandra Pandey सहित कई दिग्गजों ने अपने अनुभव साझा किए।
अपने संबोधन में Rohit Nandan ने बताया कि लखनऊ में पहला मोबाइल फोन कनेक्शन जुलाई 1996 में सूचना निदेशक के नाम लिया गया था, जबकि इंटरनेट का पहला कनेक्शन भी इसी विभाग के नाम दर्ज हुआ। उन्होंने कहा कि यह तथ्य बताता है कि सूचना विभाग हमेशा तकनीकी और संचार क्रांति के केंद्र में रहा है। उन्होंने विभाग को “सरकार की आंख और कान” बताते हुए कहा कि इसकी भूमिका आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी पहले थी।
रोहित नंदन, जो तीन बार सूचना निदेशक रह चुके हैं, ने इस पद की गरिमा और प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि सूचना विभाग के कार्यों से सरकार की छवि सीधे जुड़ी होती है। आम जनता के बीच सरकार की सकारात्मक छवि बनाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे विभाग के अधिकारी कुशलता से निभाते रहे हैं।
वहीं Anup Chandra Pandey ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुख्य सचिव और चुनाव आयुक्त जैसे बड़े पदों पर रहने के बावजूद सूचना निदेशक का कार्यकाल उनके लिए सबसे यादगार रहा। उन्होंने एक रोचक घटना का जिक्र किया, जब बजट से संबंधित एक प्रेस विज्ञप्ति में दर्ज जानकारी विधानसभा में बहस का विषय बन गई और अंततः सरकार को सूचना विभाग के नोट को स्वीकार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सूचना निदेशक का पद प्रशासनिक व्यवस्था में अत्यंत प्रभावशाली होता है और इसकी पहुंच सीधे मुख्यमंत्री तक होती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति Raghvendra Kumar ने सूचना विभाग की सराहना करते हुए कहा कि इसने न्यायपालिका की कार्यप्रणाली को आम जनता तक पहुंचाकर विश्वास मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस अवसर पर एसोसिएशन की पत्रिका “रिजवा” का विमोचन किया गया। साथ ही Rohit Nandan को “अशोक प्रियदर्शी स्मृति सूचना सम्मान” और Anup Chandra Pandey को “उमेश कुमार सिंह चौहान स्मृति सम्मान” से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व सूचना निदेशक, सुधेश ओझा, अजय उपाध्याय और पूर्व अपर निदेशक रहे डॉक्टर अनिल पाठक पूर्व अधिकारियों में विजय राय, राजगोपाल सिंह वर्मा, हामिद अली खां, ज्ञानवती, दिनेश सहगल, अशोक कुमार शर्मा, अशोक बनर्जी, अमजद हुसैन सहित ग्यारह लोगों को भी सम्मानित किया गया।



