उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद के डासना शिवशक्ति धाम के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने देशभर में आक्रोश और विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के बाद यूपी और महाराष्ट्र में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी देखी गईं।
गाज़ियाबाद और बुलंदशहर में हिंसक प्रदर्शन
यति नरसिंहानंद के विवादित बयान के खिलाफ उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद और बुलंदशहर में लोग सड़कों पर उतर आए। बुलंदशहर के सिकंदराबाद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिससे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और कुछ इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
गाज़ियाबाद के पुलिस कमिश्नर से जमीयत-उलेमा-हिंद ने यति नरसिंहानंद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली के आईपीएस थाने में भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र के अमरावती में विरोध प्रदर्शन और पथराव
यति नरसिंहानंद के बयान के विरोध में महाराष्ट्र के अमरावती में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। शुक्रवार की रात नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हुई और यति नरसिंहानंद के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस पर पथराव किया। इस हिंसक प्रदर्शन में पुलिस थाने को काफी नुकसान पहुंचा, साथ ही कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन पर कर्फ्यू लगाना पड़ा और हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
1200 लोगों पर मामला दर्ज
अमरावती में पुलिस स्टेशन पर हुए पथराव और हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 1200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिनमें से 26 लोगों की पहचान कर ली गई है। पथराव, पुलिस पर हमला, और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
यति नरसिंहानंद के खिलाफ कार्रवाई की मांग
यति नरसिंहानंद पहले भी अपने भड़काऊ बयानों के लिए विवादों में रह चुके हैं। 2022 में हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा की खुली धमकी दी थी। उनके इन बयानों के खिलाफ कई बार शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। जमीयत-उलेमा-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर यति नरसिंहानंद के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन की चुनौती
इस पूरे मामले में यूपी और महाराष्ट्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, ताकि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक हिंसा या अस्थिरता से बचा जा सके।