बिहार – बिहार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और यह जल्द ही देश के अन्य हिस्सों की बराबरी कर सकता है। यह बात नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने गया में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बिहार के कई ब्लॉक और जिले, जो वर्तमान में महत्वाकांक्षी श्रेणी में हैं, बेहतर प्रशासन और सेवा वितरण के कारण जल्द ही प्रेरणादायक उदाहरण बन सकते हैं।
सुब्रमण्यम ने कहा, “राज्य के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अच्छे प्रदर्शन के चलते, बिहार आने वाले कुछ वर्षों में देश के अन्य विकसित हिस्सों की बराबरी कर लेगा। बेहतर प्रशासन और सेवा वितरण के कारण कई ब्लॉक और जिले अब ‘प्रेरणादायक’ बनने की कगार पर हैं।”
एआई-संचालित शासन का नया युग
सुब्रमण्यम ने बिहार में हो रहे सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य अब एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां एआई-संचालित निर्णय समर्थन प्रणाली का प्रयोग होगा। यह निर्णय प्रणाली नीति निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और नए प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने में मदद करेगी। बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (BIPARD) में उद्घाटित होने वाली अत्याधुनिक ‘जेननेक्स्ट लैब’ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है।
गहरे ज्ञान और खुफिया गलियारे का निर्माण
उन्होंने कहा, “BIPARD के भीतर एक ‘गहरे ज्ञान और खुफिया गलियारे’ का निर्माण किया जा रहा है, जो राज्य में प्रशासनिक प्रशिक्षण और डेटा-संचालित शासन के तरीके को पूरी तरह से नया रूप देगा। यह लैब घरेलू स्तर पर सुरक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाते हुए अधिकारियों को प्रशिक्षण देगी। एआई के जरिए भविष्यवाणी, नीति निर्माण और शासन अनुकूलन जैसे कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जाएगा।”
नवीनतम संचार और डेटा साझाकरण सुविधाएं
सुब्रमण्यम ने यह भी बताया कि BIPARD की यह नई लैब अत्याधुनिक संचार और डेटा-साझाकरण सुविधाओं से सुसज्जित होगी, जिससे शासन सुधारों की रणनीति बनाने और उसे लागू करने के लिए सहयोगात्मक वातावरण तैयार होगा। इस पहल का उद्देश्य राज्य में शासन को और अधिक आधुनिक, संवेदनशील और दूरदर्शी बनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि “नए युग की प्रौद्योगिकियों को अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गई है। बिहार में इस तकनीकी परिवर्तन के जरिए शासन में गति और सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
बिहार के भविष्य की उम्मीदें
नीति आयोग के सीईओ ने यह भी आशा जताई कि बिहार आने वाले वर्षों में बेहतर शासन और सेवा वितरण के साथ तेजी से प्रगति करेगा। नई तकनीकों और एआई के साथ, बिहार अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन सकता है और शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।