महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की रणनीतियों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बयान दिया है। अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी केवल उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जहां उनकी उपस्थिति और वोट बैंक है। उनका दावा है कि इससे गठबंधन को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होंगे और 23 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी में सीट शेयरिंग पर खींचतान जारी है। गठबंधन ने 288 सीटों पर साझा फॉर्मूला तैयार किया है, जिसमें 85-85 सीटों का बंटवारा तय हुआ है। इस बीच, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गठबंधन के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उन सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जहां सपा का प्रभाव है, और इससे महाविकास अघाड़ी को किसी तरह की क्षति नहीं होगी।
अखिलेश यादव ने बयान में कहा, “समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष निर्णय लेंगे। हम पहले गठबंधन में रहने का प्रयास करेंगे। लेकिन, अगर महाविकास अघाड़ी हमें गठबंधन में जगह नहीं देती है, तो हम केवल उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेंगे जहां सपा को वोट मिलते हैं या जहां हमारा संगठन सक्रिय है। राजनीति में त्याग के लिए कोई स्थान नहीं है।”
अखिलेश ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अब अपने कार्यकर्ताओं के बजाय पदाधिकारियों के सहारे चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा, “अगर कोई पार्टी पदाधिकारियों के जरिए चुनाव लड़ने लगेगी, तो उसकी हार तय है।”
इस बयान से साफ है कि अखिलेश यादव चुनाव में सपा की भूमिका को स्पष्ट करना चाहते हैं, ताकि गठबंधन में कोई भ्रम न रहे।