लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में कैंसर मरीजों को असाध्य योजना के तहत पूरी दवाएं नहीं मिलने के आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर एक तीमारदार ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से शिकायत की है, जिसके बाद शासन ने केजीएमयू के कुलसचिव को जांच के आदेश दिए हैं।
मामला केजीएमयू के हिमैटोलॉजी विभाग का है, जहां एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर द्वारा मरीज को जितनी दवाएं लिखी जाती हैं, उनमें से केवल आधी ही मिल रही हैं। बाकी की दवाएं कहां जा रही हैं, इसका किसी को कोई पता नहीं है। इस स्थिति ने मरीजों और उनके परिवारों को महंगी दवाएं बाजार से खरीदने के लिए मजबूर कर दिया है।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि स्टॉफ द्वारा मरीजों के तीमारदारों से हर बार पूरी दवाएं देने के कागजात पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं, जबकि वास्तव में दवाएं पूरी नहीं दी जातीं।
इस गंभीर मामले पर शासन ने संज्ञान लिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच यह सुनिश्चित करेगी कि कहीं अस्पताल के अंदर कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही है, जिससे मरीजों को उनकी आवश्यक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद चिंताजनक है, और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।