100 साल की गौरवगाथा: स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग का लखनऊ में भव्य शताब्दी समारोह

खन्ना का संदेश—कर्तव्यनिष्ठा और समय प्रबंधन से ही बनेगा पारदर्शी वित्तीय सिस्टम
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)
लखनऊ में सोमवार को स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ऐतिहासिक और भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Lucknow University के मालवीय सभागार में संपन्न हुआ, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री Suresh Kumar Khanna मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि पंकज गुप्ता और उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल सहित विभाग के वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विभाग की 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। वर्ष 1926 में स्थापित यह विभाग आज नगर निकायों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और राज्य सहायता प्राप्त संगठनों की लेखा परीक्षा कर वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। समारोह के दौरान विभाग द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और पेपरलेस ऑडिट प्रणाली पर भी प्रकाश डाला गया, जो भविष्य के डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर विभाग की स्मारिका, आधिकारिक वेबसाइट और विशेष डाक आवरण का भव्य लोकार्पण किया गया। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विभाग द्वारा प्रदेशभर में वृक्षारोपण, वस्त्र वितरण और जनसंवाद जैसे सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिससे आम जनता के साथ जुड़ाव को मजबूत किया जा सके।
अपने संबोधन में Suresh Kumar Khanna ने कहा कि लेखा परीक्षा विभाग लोकधन का सजग प्रहरी है और इसकी भूमिका समय के साथ और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे कर्तव्यनिष्ठा और समय प्रबंधन को अपनी कार्यशैली का मूल आधार बनाएं। साथ ही उन्होंने डिजिटल तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए ऑडिट प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की बात कही।
दोहराया।



